जनपद में सफेद हाथी की तरह जनता को मुंह चढ़ा रहे हैं नगरीय व ग्रामीण सामुदायिक शौचालय। आखिर कब इन शौचालयों के खुलेंगे ताले और जनता को मिलगा इनका समुचित लाभ।

सीतापुर/ प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिश्रित तीर्थ नगर और नैमिषारण्य तीर्थ नगरो सहित मिश्रित ब्लाक की सभी 71-ग्राम पंचायतों में साल भर पहले स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनवाये गये सामुदायिक शौचालय जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अभी तक ताला बन्द पडे है।जिससे शासन की मंशा पर जहाँ कुठाराघात हो रहा है, वही लोग खुले मे सड़कों आदि के किनारे शौच करते हुये स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगा रहे है, जिम्मेदार पूरी तरह से अंजान बने हुये है। प्रधानमंत्री के विजन सामुदायिक शौचालय जैसी महत्वपूर्ण योजना का जब यह आलम है तो अन्य विकास योजनाओं की दशा और दिशा क्या होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
बताते चलें कि नगर पालिका क्षेत्र व ग्राम पंचायतों में लोगों के खुले में शौच जाने से होने वाली गन्दगी और किससे फैलने वाली बीमारियों के अलावा संक्रमण से बचाव के लिए करोड़ों की लागत से बनकर तैयार खड़े सामुदायिक स्वच्छ शौचालयों के दरवाजे आम जनों के लिए अभी तक नहीं खुल पाये हैं। लेकिन विडंबना इस बात की है कि इनमें मुफ्त की बिजली का निरन्तर प्रयोग हो रहा है। बन कर सफेद हाथी की तरह खड़े शौचालयो में टंकी भरने के लिए जेट पम्प के साथ ही उजाले के लिए बल्ब और राडे रात दिन निरन्तर जल रही है।
नगर क्षेत्र मिश्रित मे पाँच और नैमिष में दो जगहों पर बने सामुदायिक शौचालय क्रमशः पुलिस कॉलोनी मे क्षेत्राधिकारी आवास के सामने,मेला मैदान मे,मछरेहटा रोड मोड ट्रांसफार्मर के पीछे, शेषनाथ मंदिर की बाउंड्री के पीछे,स्टेशन रोड सहित कुल पांँच जगहों पर व नैमिष में दो जगहों पर सामुदायिक शौचालय वर्ष- 2020- में योजना के तहत मिश्रित नगर पालिका क्षेत्र में बनाये गये थे।इसी तरह मिश्रित ब्लाक की सभी इकहत्तर ग्राम पंचायतों में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन कर सफेद हाथी की तरह खडें सामुदायिक शौचालय आम लोगों को मुंह चढ़ाते नजर आ रहे हैं ,इनकी देख-रेख के लिए नगर क्षेत्र मे पालिका की और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतो की जिम्मेदारी है। लेकिन विडंबना है कि ये सफाई कर्मी प्रधानमंत्री के विजन पर पूरी तरह से पानी फेर रहे हैं,नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबंद सामुदायिक शौचालयों के बारे में भाजपा नेता प्रेम चंद तिवारी,भाष्कर मिश्र, वेद प्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट, डा० मुरलीधर मिश्र, किसान नेता राम राखन मौर्य, अंकेश, वीरेंद्र कुमार मौर्य, अंकित कुमार मिश्रा,आदि का कहना है कि सामुदायिक शौचालय समय से खोले बन्द किये जाँय जिससे लोगों को बाहर खुले में शौच न जाना पड़े। गौरतलब तो यह है कि यदि संबंधित अधिकारी अगर समय समय पर इनका निरीक्षण करे तो लोगों को परेशानी से निजात मिल सकती है। पालिका क्षेत्र में तालाबंद सामुदायिक शौचालयो के बारे में ईओ आर पी सिंह का कहना है कि सभी पर सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं,मैं इनका स्वयं निरीक्षण करूगाँ यदि ताला बंद पाये गये तो कार्यवाही की जायेगी।
ब्लाक क्षेत्र के एडीओ पंचायत अमित चतुर्वेदी ने ग्राम पंचायत में बंद पड़े शौचालयो की जानकारी न होने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे है। लेकिन उनका यह भी कहाना है कि यदि कहीं भी ग्रामीण सामुदायिक शौचालय बन्द पाये गये तो ग्राम पंचायत के समूह सफाई कर्मी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ ज्ञानेश कुमार ने इस संवाददाता के सामने ही दूसरे संवाददाता द्वारा वर्जन लिए जाने के दौरान कहा कि सामुदायिक शौचालयों में विद्युत कनेक्शनो बारे मे मुझे कोई जानकारी नहीं है जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी। फिलहाल नगरीय और ग्रामीण सामुदायिक शौचालय सफेद हाथी की तरह जनता को मुंह चिढ़ा रहे हैं। शौचालयों का यह आलम मिश्रित तहसील का ही नहीं वल्कि जनपद की सभी तहसीलों के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों का है जिसकी तरफ प्रदेश शासन को गंभीरता से पहल करने की आवश्यकता है ताकि जनता इनका समुचित लाभ उठा सकें।