महिला यात्रियों की हमसफर बनी ‘मेरी सहेली’, चार माह में 22,800 महिलाओं को मिला सुरक्षा का भरोसा

महिला यात्रियों की हमसफर बनी ?मेरी सहेली?, चार माह में 22,800 महिलाओं को मिला सुरक्षा का भरोसा

अकेले सफर करने वाली महिलाओं से आरपीएफ टीमों ने किया सीधा संवाद, परेशानी में तत्काल सहायता का भरोसा

जोधपुर। ट्रेन में अकेले सफर करने वाली महिला यात्रियों के लिए रेलवे की ?मेरी सहेली? पहल सुरक्षा और भरोसे का मजबूत माध्यम बन रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में अप्रैल से जुलाई 2026 तक रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की ?मेरी सहेली? टीमों ने 22,800 महिला यात्रियों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सहायता और सुरक्षा का भरोसा दिया।

मंडल रेल प्रबंधक जोधपुर अनुराग त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त नीतीश कुमार के नेतृत्व में अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान सुरक्षा का भरोसा देना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।

ट्रेन में पहुंचती है ?मेरी सहेली? टीम

?मेरी सहेली? अभियान के तहत लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले सफर करने वाली महिला यात्रियों की जानकारी प्रारंभिक स्टेशन से ही मार्ग में आने वाले नामित स्टेशनों पर आरपीएफ टीमों को उपलब्ध कराई जाती है। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही महिला आरपीएफ कर्मियों की टीम संबंधित कोचों में जाकर महिला यात्रियों से संपर्क करती है।

इस दौरान टीम महिला यात्रियों से उनकी यात्रा और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लेती है तथा उन्हें बताया जाता है कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे आरपीएफ से तत्काल सहायता ले सकती हैं। संदिग्ध गतिविधि, छेड़छाड़, सामान संबंधी परेशानी या किसी अन्य समस्या की स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया जाता है।

महिला यात्रियों में बढ़ा सुरक्षा का विश्वास

?मेरी सहेली? अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा जांच करना नहीं, बल्कि महिला यात्रियों के साथ संवाद और विश्वास का रिश्ता मजबूत करना भी है। अभियान के दौरान महिला आरपीएफ कर्मी यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझती हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सुरक्षा टीम को कार्रवाई के लिए सूचित करती हैं।

इस पहल से अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। रेलवे का प्रयास है कि महिला यात्री बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा पूरी करें और सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचें।

सुरक्षा के साथ संवाद पर जोर

डीआरएम जोधपुर अनुराग त्रिपाठी के अनुसार ?मेरी सहेली? अभियान महिला यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके साथ संवाद और सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहा है। ट्रेनों में आरपीएफ की निरंतर निगरानी और महिला यात्रियों से सीधे संपर्क के माध्यम से सुरक्षित रेल यात्रा के वातावरण को और मजबूत किया जा रहा है।

अप्रैल से जुलाई 2026 तक 22,800 महिला यात्रियों तक पहुंच इस अभियान की व्यापकता को दर्शाती है। रेलवे सुरक्षा बल की टीमें महिला यात्रियों को लगातार सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं।