डीआरएम कार्यालय में बना विकास केंद्र, जहां संवर रहा भविष्य

डीआरएम कार्यालय में बना विकास केंद्र, जहां संवर रहा भविष्य

रेलवे कर्मचारियों, परिवारों और युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास व करियर मार्गदर्शन की सुविधाएं एक ही छत के नीचे

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर को अब केवल रेल संचालन और प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ?विकास केंद्र? तैयार किया गया है, जहां रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन तथा व्यक्तित्व विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

विकास केंद्र में डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, इंटरएक्टिव डिजिटल वॉल, डिजिटल क्विज सहित आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की गई हैं। रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण, करियर काउंसलिंग और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और कर्मचारियों को बदलती तकनीक तथा कार्यक्षेत्र की नई जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

आधुनिकता के साथ रेलवे की विरासत की झलक

विकास केंद्र में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ रेलवे की गौरवशाली विरासत और राजस्थान की समृद्ध कला-संस्कृति को भी आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। यहां रेल इतिहास, इंजन के मॉडल, दुर्लभ तस्वीरों और राजस्थानी कला-संस्कृति से जुड़ी झलकियां देखने को मिलेंगी। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को रेलवे के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

पुस्तकालय से लेकर जिम और योग की सुविधा

कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए केंद्र में पुस्तकालय, इंडोर स्पोर्ट्स, जिम, योग तथा कैफे कॉर्नर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे विकास केंद्र प्रशिक्षण और कौशल विकास के साथ स्वस्थ, सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण उपलब्ध कराने का माध्यम भी बनेगा।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि विकास केंद्र का उद्देश्य कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय युवाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे नई तकनीक सीखने के साथ अपने कौशल और व्यक्तित्व का विकास कर सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है और यह ज्ञान, नवाचार तथा क्षमता निर्माण का नया केंद्र बनेगा।

जोधपुर मंडल की यह पहल रेलवे में मानव संसाधन विकास, कौशल निर्माण और नई कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे कर्मचारियों और युवाओं को सीखने, आगे बढ़ने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए एक आधुनिक मंच उपलब्ध होगा।