चतुर्थ श्रेणी सहित सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में एक वर्ष का वेटिंग रूल लागू करने की मांग

सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र; कहा - पद खाली रहने से बेहतर है योग्य युवाओं को अवसर मिले

संवाददाता ? संतोष व्यास

डूंगरपुर। राज्य की विभिन्न प्रक्रियाधीन भर्ती परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों के अन्य उच्च पदों पर चले जाने के कारण खाली रहने वाले पदों को भरने तथा प्रतीक्षारत युवाओं को राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल की गई है। सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक शंकरलाल डेचा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर चतुर्थ श्रेणी भर्ती सहित सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में एक वर्ष की प्रतीक्षा सूची नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया है।

विधायक डेचा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वर्तमान में चतुर्थ श्रेणी भर्ती सहित कई प्रक्रियाओं में कई अभ्यर्थी ऐसे चयनित होते हैं, जिनकी शैक्षणिक योग्यता काफी उच्च होती है। आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन के बाद ये अभ्यर्थी उच्च पदों पर कार्यभार ग्रहण कर लेते हैं, जिससे चतुर्थ श्रेणी व अन्य निचले कैडर के पद रिक्त रह जाते हैं। नियमावली के अभाव में ये स्वीकृत पद वर्ष भर खाली रह जाते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है।

- 15 से 20 हजार युवाओं को मिल सकता है रोजगार

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक ने उल्लेख किया है कि यदि सरकार एक वर्ष की प्रतीक्षा सूची नियम लागू करती है, तो इससे राज्य के लगभग 15 से 20 हजार योग्य युवाओं को तुरंत रोजगार का अवसर मिल सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम से सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि पहले से स्वीकृत रिक्त पदों का ही पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से सदुपयोग हो सकेगा। विधायक ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी व न्यायसंगत बनाने के लिए इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।