जयपुर में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज पर उदयपुर में भड़की क्षत्रिय करणी सेना

उदयपुर देहात अध्यक्ष बिछावेड़ा बोले - यूजीसी प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज व महिलाओं पर वाटर कैनन का उपयोग उचित नहीं

संवाददाता ? संतोष व्यास

उदयपुर/डूंगरपुर। जयपुर में यूजीसी नियमों के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षत्रिय करणी सेना के उदयपुर देहात जिलाध्यक्ष कुंवर ओनार सिंह बिछावेड़ा ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। उन्होंने आंदोलन के दौरान देवराज सिंह की हुई दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिलाओं पर वाटर कैनन छोड़ना बेहद गंभीर और निंदनीय विषय है।

- राष्ट्रभक्ति को कमजोरी न समझे सरकार

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिछावेड़ा ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने चेताया कि हमारे राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभक्ति को सरकार हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे। बातचीत के दरवाजे बंद कर लाठी से आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है। जंतर-मंतर के पिछले आंदोलनों का उदाहरण देते हुए बिछावेड़ा ने सवाल उठाया कि जब जयपुर में न तो कोई हिंसा हुई, न ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, तो फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इस प्रकार का बर्बर बल प्रयोग करने की जरूरत क्यों पड़ी?