अजयगढ़ से पन्ना, करतल, बांदा, सतना व छतरपुर तक खटारा बसों का संचालन बिना परमिट दौड़ रहे वाहन, यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

अजयगढ़ से पन्ना, करतल, बांदा, सतना व छतरपुर तक खटारा बसों का संचालन

बिना परमिट दौड़ रहे वाहन, यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़

परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पन्ना। अजयगढ़ नगर सहित पन्ना, करतल, बांदा, सतना एवं छतरपुर रूट पर इन दिनों खटारा और बिना परमिट बसों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। कई बसों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि वे आए दिन रास्तों में खराब हो जाती हैं, बावजूद इसके परिवहन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के चलते यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बसों का संचालन कराया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के अनुसार कई बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर वर्षों पुरानी बसों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग की गाइडलाइन एवं मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार 15 वर्ष से अधिक पुरानी और फिटनेस मानकों पर खरी न उतरने वाली बसों का संचालन प्रतिबंधित होना चाहिए, लेकिन हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। क्षेत्र में कई बसें बिना फिटनेस, बिना परमिट और बिना आवश्यक दस्तावेजों के खुलेआम संचालित हो रही हैं।

यात्रियों ने बताया कि अधिकांश बसों में सीटें टूटी हुई हैं, खिड़कियां खराब हैं तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं हैं। कई बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अलावा बस संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर इन बसों में सफर करने को विवश हैं।

  • क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन एवं आरटीओ विभाग से मांग की है कि बिना परमिट और खटारा बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।