बिजनौर में अस्पतालों व नर्सिंग होम्स का फायर ऑडिट अभियान तेज, अग्निशमन विभाग ने दी सुरक्षा प्रशिक्षण

बिजनौर में अस्पतालों व नर्सिंग होम्स का फायर ऑडिट अभियान तेज, अग्निशमन विभाग ने दी सुरक्षा प्रशिक्षण

नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, बिजनौर और चांदपुर में 18 स्वास्थ्य संस्थानों की हुई जांच

बिजनौर। जनपद में अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अग्निशमन विभाग द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. 22 अप्रैल को महानिदेशक, अग्निशमन एवं आपात सेवा उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों तथा पुलिस अधीक्षक बिजनौर के आदेशानुसार मुख्य अग्निशमन अधिकारी बिजनौर डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशन में स्कीम नंबर-03 के तहत जनपद के विभिन्न अस्पतालों व नर्सिंग होम्स का फायर ऑडिट और इवैकुएशन व्यवस्था की जांच की गई।

अभियान के दौरान प्रभारी अग्निशमन केंद्र नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, बिजनौर और चांदपुर की टीमों ने स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूद कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को अग्नि सुरक्षा एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया।

अग्निशमन विभाग ने अस्पतालों में फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म सिस्टम, फायर सेफ्टी मानकों और इवैकुएशन प्लान की समीक्षा की। इसके साथ ही विद्युत वायरिंग की भी जांच की गई। कई स्थानों पर कटी-फटी एवं जोखिमपूर्ण विद्युत लाइनें पाई गईं, जिन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी अस्पतालों को मानकों के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्था स्थापित करना अनिवार्य होगा।

इन स्वास्थ्य संस्थानों की हुई जांच

फायर ऑडिट एवं सुरक्षा जांच के तहत जिले के कुल 18 अस्पताल/नर्सिंग होम/डायग्नोस्टिक सेंटर को चेक किया गया, जिनमें?

आरोग्य हॉस्पिटल, साहिल हॉस्पिटल, अल शिफा हॉस्पिटल, डॉ डायग्नोस्टिक सेंटर (एक्स-रे), लीलावती चिल्ड्रन हॉस्पिटल, डीएल पॉलीक्लिनिक एंड नर्सिंग होम, गांधी नेत्र चिकित्सालय, एचआर सिटी हेल्थ केयर सेंटर, संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, शकुन्तला देवी मेमोरियल हॉस्पिटल, विवेक कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक एंड हॉस्पिटल, नेशनल हॉस्पिटल चांदपुर, फरहत नर्सिंग होम, ए.के. चैरिटेबल ब्लड बैंक, श्री डिजिटल एक्स-रे एंड सीटी स्कैन सेंटर, नेशनल हेल्थ केयर सेंटर नगीना, देवरा क्लीनिक तथा अलका हेल्थ केयर सेंटर शामिल रहे।

सख्त निर्देश: लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं बेहद गंभीर होती हैं, इसलिए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त रखने, नियमित मॉक ड्रिल कराने और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अग्निशमन विभाग ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।