उत्तर प्रदेश में निलंबित अधिकारियों पर सख्ती की मांग,किसान संगठन ने उठाई जेल भेजने की आवाज

उत्तर प्रदेश में निलंबित अधिकारियों पर सख्ती की मांग,किसान संगठन ने उठाई जेल भेजने की आवाज

उत्तर प्रदेश

भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के राष्ट्रीय प्रभारी व पत्रकार खालिद खां ने किसान कार्यालय पर आयोजित मीडिया वार्ता में भ्रष्टाचार और फर्जी मुकदमों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी और किसानों को छोटे-छोटे मामलों में भी जेल भेज दिया जाता है, जबकि निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जाता है। खालिद खां ने आरोप लगाया कि किसान जब अपने हक और अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं,तो कुछ लोग मिलकर उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा देते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है और न ही प्रशासन स्तर पर संवाद की कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई देती है।
*निलंबन नहीं,हो सख्त कार्रवाई*
राष्ट्रीय प्रभारी ने कहा कि कई मामलों में पुलिस या अधिकारी रिश्वत लेने, आरोपियों को प्रताड़ित करने या अन्य गंभीर आरोपों में केवल निलंबित या सस्पेंड कर दिए जाते हैं। कुछ समय बाद उन्हें फिर से बहाल कर दिया जाता है, जो न्याय व्यवस्था के साथ अन्याय है।

उन्होंने मांग की कि:
निलंबन के बाद संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।

दोष सिद्ध होने पर उन्हें भेजा जाए जेल
गंभीर मामलों में हमेशा के लिए सेवा से बर्खास्त किया जाए।

ऑनलाइन शिकायतों में फर्जी आख्या पर भी कार्रवाई की मांग

खालिद खां ने यह भी कहा कि कुछ अधिकारी ऑनलाइन शिकायतों में फर्जी आख्या लगाकर मुख्यमंत्री पोर्टल और सरकार की छवि को खराब करते हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, तो अपराध में कमी आएगी और आम जनता व किसानों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा।
अंत में उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।