दबंग प्रधान पति की गुंडई पर चुप क्यों है प्रशासन? क्या सत्ता संरक्षण में पनप रहा है भू-माफिया राज?

दबंग प्रधान पति की गुंडई पर चुप क्यों है प्रशासन? क्या सत्ता संरक्षण में पनप रहा है भू-माफिया राज?

#Hardoi
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जनपद के विकास खंड टड़ियावां के ग्राम सभा हरिहरपुर में सरकारी जमीन बचाने की कोशिश कर रहे एक समाजसेवी घनश्याम गुप्ता को खुलेआम जान से मारने की और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है ? और सवाल यह है कि आखिर प्रशासन और पुलिस खामोश क्यों है? क्या दबंगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है?

सरकारी भूमि पर कब्जा

शिकायत कर्ता समाजसेवी घनश्याम गुप्ता ने प्रधान पति राजेश शर्मा के खिलाफ़ उच्च स्तरीय शिकायत पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि सदर तहसील क्षेत्र के विकास खंड टड़ियावां की ग्राम पंचायत हरिहरपुर के प्रधान पति राजेश शर्मा आदि ने गाटा संख्या 30 जो राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि के खाते में दर्ज है,उस बंजर खाते की भूमि पर प्रधानपति राजेश शर्मा आदि ने भवन और मार्केट का निर्माण कर,सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर लिया है।
शिकायतकर्ता पूर्व में हुई शिकायत पर प्रकरण की जांच हुई आरोप सही पाए गए रिपोर्ट में उल्लेख है कि राजेश शर्मा द्वारा बंजर खाते की जमीन पर निर्माण कार्य कराया। अवैध निर्माण कार्य के चलते राजस्व संहिता की धारा 67(1) की कार्रवाई भी हुई बेदखली का आदेश और जुर्माना भी हुआ । लेकिन आज तीन वर्ष से ऊपर समय गुजरने के बाद भी रसूखदार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर को चलाया नहीं जा सका है। अवैध निर्माण को पूरी तरह हटाने की कार्रवाई अब तक अधूरी है। आधी-अधूरी कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है _क्या दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से प्रशासन बच रहा है?

खुलेआम धमकी,संबंधित विभाग की चुप्पी

शिकायत कर्ता का आरोप की अवैध निर्माण की शिकायत पर बौखलाए आरोपी राजेश शर्मा प्रधान प्रतिनिधि हरिहरपुर ग्राम क्षेत्र में घूमकर उन्हें गाली-गलौज,जान से मारने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी अब तक स्थानीय स्तर पर सख्त कार्रवाई न होना सीधे तौर पर सूबे मुखिया महंत योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

क्या सत्ता संरक्षण में चल रहा है खेल?

प्रदेश में अवैध निर्माण भू- माफिया एक्ट कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। सरकार लगातार ?जीरो टॉलरेंस? की नीति की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है। यदि भू-माफिया खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्जा करें और विरोध करने पर जान से मारने,फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दें, तो भू- माफिया पर क्या कार्रवाई बनती है?
अब पूरा क्षेत्र प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर नजर लगाए हुए है। सवाल साफ है ? क्या कानून का राज स्थापित होगा, या दबंगई को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहेगा?