मनरेगा बचाओ संघर्ष को लेकर हरदोई कांग्रेस का ऐलान, गरीबों के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं, विक्रम पांडे बोले- 17 फरवरी को करेंगे विधानसभा घेराव

हरदोई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी हरदोई ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर किए जाने के आरोपों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका की गारंटी देने वाला महत्वपूर्ण कानून है, जिसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले यूपीए-1 सरकार ने मनरेगा कानून लागू कर काम के अधिकार को व्यवहारिक रूप दिया था। इस योजना ने ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया और कोविड-19 जैसी कठिन परिस्थितियों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों के जीवन का सहारा है। भाजपा सरकार इस कानून को कमजोर कर मजदूरों से उनका अधिकार छीनना चाहती है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम दीक्षित ने कहा कि मजदूर विरोधी नीतियों के जरिए मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस गांधीवादी तरीके से इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रही है और हरदोई का हर कार्यकर्ता इस लड़ाई में मजबूती से खड़ा है।
कांग्रेस ने बताया कि 3 जनवरी से देशभर में ?मनरेगा बचाओ संघर्ष? अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 13 फरवरी को सभी जिलों में पदयात्राएं निकाली गईं। आंदोलन के दूसरे चरण में 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
पत्रकार वार्ता में जिला महासचिव राजेंद्र वर्मा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, जिला सचिव ज्ञानुपाल, मेहताब अहमद, अनूप दीक्षित और राहुल वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।