प्रशिक्षण से व्यावहारिक और नवीनतम तकनीक की जानकारी मिलती है, तीन दिवसीय गणित विज्ञान प्रशिक्षण शिविर का समापन 

श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर की नई धान मंडी स्थित व्यापार मंडल में आयोजित तीन दिवसीय एस टीइएम (विज्ञान, टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स) प्रशिक्षण शिविर का आज समापन किया गया। शिविर में एसीबीइओ भूपेंद्र शाह ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रशिक्षण में विज्ञान और गणित के शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण तकनीकों और उपकरणों से परिचित कराया गया जिससे वे अपने छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें ।

इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते है जिससे वे अपने शिक्षण कौशल को सुधार सकें और छात्रों को नवीनतम ज्ञान प्रदान कर सकें। शिविर प्रभारी प्राचार्य गुरप्रीत सिंह द्वारा प्रौद्योगिकी के नवीन एप्स, तकनीकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और विभिन्न प्रकार के टूल्स जो विज्ञान एवं गणित को रोचक और सरल बना सकते है की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। तृतीय एंव अंतिम दिवस का शुभारंभ प्रार्थना सत्र के साथ किया गया। प्रीति मित्तल, दिव्या शर्मा, दीपिका खत्री ने प्रार्थना व प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किया।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में जोंटी ग्रोवर,अवतार सिंह व अमनदीप सिंह मास्टर टेनर ने गणित किट की सामग्री व उनके शिक्षण में उपयोग की जानकारी दी।

डॉ. वेद प्रकाश व राजेंद्र कुमार ने अपवर्तन व परावर्तन के नियमों का प्रायोगिक सत्यापन सिखाया गया।

कन्हैयालाल जगवानी, गुरविंदर सिंह व पायल शर्मा ने विज्ञान की विभिन्न योजनाओ इंस्पायर अवार्ड, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, श्रेष्ठता योजना, विज्ञान ज्योति कार्यक्रम एवं विज्ञान मेला इत्यादि कार्यक्रमों की जानकारी दी।

शिविर प्रभारी प्राचार्या जितेंद्र कौर ने अपने अनुभव सांझा किये और कहा कि हम किस प्रकार कम संसाधनों में भी बच्चों को विज्ञान व गणित का अध्यापन सरल तरीके से करवा सकते है। प्राचार्या सिमरनजीत कौर ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण अध्यापकों में नई ऊर्जा एंव स्फूर्ति का संचार करते है। वे अपने विद्यालय में एक्टिव रहते है बल्कि पूरे मनोयोग से व नई तकनीक का प्रयोग करते हुए अपने आप को अपडेट करते है। ज्ञात रहे की नई धान मंडी व्यापार मंडल में प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण में मनजीत सिंह, ज्योति जिंदल, पन्ना देवी, बूटा सिंह, अविनाश नारंग शिवकुमार का व्यवस्था बनाने में विशेष सहयोग रहा।

शिवित में नीरज छाबड़ा, विजय मक्कड़, संगीता रानी, अनु दायमा, कृष्ण कजला, संदीप गुप्ता, अनुराग, प्रदीप सिंह, रमनदीप कौर, गोपी राम, सुमन सहित विभिन्न संभागियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण समय-समय पर होने चाहिए ताकि हमें नवीनतम तकनीक व नई विद्यायों की जानकारी मिलती रहे।