शराब ठेकेदारों पर 18 वर्ष पूर्व पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट करने के दर्ज मामले में सभी आरोपी बरी

श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर न्यायालय में एसीजेएम मुकुल गहलोत की अदालत ने केसरीसिंहपुर पुलिस थाना में 2 अक्टूबर 2007 को शराब ठेकेदारों पर पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट करने के आरोप में दर्ज हुये मामले में संदेह का लाभ देते हुये सभी आरोपियों को बरी करने के आदेश दिये।

मामले के अनुसार 2 अक्टूबर 2007 को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयंती के अवसर पर ड्राई-डे के दौरान शराब ठेका खुला होने की सुचना मिलने पर शराब ठेका बंद करवाने मौके पर गये केसरीसिंहपुर थाना के एसआई रामकेश, एएसआई शंभू दयाल, एफसी कुलवंत सिंह, सोहन लाल व चालक कौर सिंह की शराब ठेकेदार युधिष्टर जग्गू व अन्य शराब ठेकेदारों से बहस हो गई इसी दौरान मौके पर मौजूद युधिष्टर जग्गू सहित 21 लोगों नें ठेका बंद करवाने आये पुलिस कर्मियों को शराब ठेके के अंदर बंधक बनाकर मारपीट कर दी।

जिसके बाद केसरीसिंपुर पुलिस नें पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट करने के मुख्य आरोपी शराब ठेकेदार युधिष्टर जग्गू सहित 21लोगों पर मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश कर दिया।

श्रीकरणपुर न्यायालय में स्थित एसीजेएम की अदालत में करीब 18 वर्ष तक चले ट्रायल के दौरान एडवोकेट जगदीश डाबला व एडवोकेट सतीश अरोड़ा नें शराब ठेकेदार युधिष्टर जग्गू सहित सभी पुलिस से मारपीट करने वाले आरोपियों के बचाव में प्रभावी पैरवी की जिस पर एसीजेएम मुकुल गहलोत नें ट्रायल के दौरान 3 आरोपियों की मौत हो जाने के चलते बाकी रहे शराब ठेकेदार युधिष्टर जग्गू सहित सभी 18 आरोपियों को आज संदेह का लाभ देते हुये बा-इज्जत बरी करने के आदेश दिये।