संत निरंकारी मिशन द्वारा रक्तदान महादान आयोजित शिविर में 119 यूनिट रक्त संग्रहित

श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर में आज संत निरंकारी मिशन द्वारा इंसान का रक्त नालियों में नहीं बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए के उदेश्य से मानवमात्र के कल्याणार्थ के लिये संत निरंकारी मिशन के गद्दीशीन माता सुदीक्षा महाराज एवं पूज्य निरंकारी राजपिता के दिव्य मार्गदर्शन एंव पावन आशीर्वाद से आज 8 फरवरी रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में निरंकारी अनुयाइयों के अलावा स्थानीय जनमानस ने भी अत्यंत उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक भाव से 119 यूनिट रक्तदान किया। राजकीय जिला चिकित्सालय श्रीगंगानगर की ब्लड बैंक टीम द्वारा रक्त संग्रहण किया गया।इस शिविर का उद्घाटन जोनल इंचार्ज धर्मपाल टक्कर द्वारा किया। उन्होंने बताया कि युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह द्वारा सन् 1986 से आरम्भ हुई परोपकार की यह मुहिम महाअभियान के रूप में आज अपने चरमोत्कर्ष पर है। रक्तदान मानवमात्र की भलाई के लिये किया जा है और यह सेवाएं निरंतर जारी है। उन्होंने समझाया कि जब हमारे मन में निष्काम सेवा का भाव उत्पन्न हो जाता है तब यह संसार और भी अधिक सुंदर लगने लगता है। हमारी सेवा भावना समस्त मानव परिवार के लिए वरदान बन जाती है। रक्तदान मानव जीवन को बचाने के लिये की जाने वाली एक ऐसी सर्वोपरि सेवा है जिसमें परोपकार की निःस्वार्थ भावना निहित है।श्रीकरणपुर के निरंकारी मुखी बहन विजय डंग ने रक्तदान शिविर में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, रक्तदाताओं, डॉक्टर एवं उनकी टीम तथा सेवादल व साध संगत का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन रक्तदान करने में समूचे देश में अग्रणी रहा है। संत निरंकारी मिशन की आध्यात्मिक उत्थान के साथ साथ समाज कल्याण की गतिविधियों जिनमें मुख्यतः रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, महिला एवं बाल विकास सशक्तिकरण की सेवा सुचारू रूप से चलाई जा रही योजनाएं, निःशुल्क नेत्र जांच शिविर एवं प्राकृतिक आपदाओं में जरूरतमंदों की सहायता इत्यादि सेवाएं सम्मिलित है ताकि समाज का समुचित विकास हो सके। शिविर में रक्तदान से पूर्व की जाने वाली जाँच एवं स्वच्छता की ओर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। इसके साथ ही रक्तदाताओं के लिये उत्तम रूप में जलपान एंव गुरु के अटूट लंगर की भी समुचित व्यवस्था की गई। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन व व्यवस्थाओं में सेवादल का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर सैंकड़ों की संख्या में निरंकारी श्रद्वालु एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।