ग्रामसभा की भूमि पर अवैध कब्जे के दो मामलों में बड़ी कार्रवाई, हरदोई में बेदखली के आदेश व लाखों की क्षतिपूर्ति तय, राजस्व कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

हरदोई। जनपद के तहसील सदर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नानकगंज ग्रांट में ग्रामसभा की बंजर भूमि पर अवैध कब्जे के दो अलग-अलग मामलों में राजस्व न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। भूमि प्रबंधक समिति सचिव एवं क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्यवाही करते हुए दोनों मामलों में एकपक्षीय आदेश पारित किए हैं।
पहले मामले में गाटा संख्या 844 (क्षेत्रफल लगभग 0.2020 हेक्टेयर) की 195 वर्ग मीटर भूमि पर श्रीधर राठौर द्वारा पक्का मकान बनाकर कब्जा करने का आरोप था। जांच में यह भूमि ग्रामसभा के बंजर खाते की पाई गई। नोटिस जारी होने के बावजूद प्रतिवादी द्वारा कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई और न ही न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अवैध कब्जा सिद्ध मानते हुए बेदखली का आदेश दिया तथा करीब 9.75 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति और 500 रुपये निष्पादन व्यय की वसूली के निर्देश दिए।
दूसरे मामले में इसी गाटा संख्या के 338 वर्ग मीटर भाग पर बबलू सिंह द्वारा पक्की दुकानें और बाउंड्री बनाकर कब्जा किया गया था। यहां भी प्रतिवादी अनुपस्थित रहे और कोई आपत्ति दाखिल नहीं की। लेखपाल के बयान और अभिलेखों से अवैध कब्जा प्रमाणित होने पर न्यायालय ने बेदखली का आदेश पारित किया। इस प्रकरण में लगभग 10.14 लाख रुपये क्षतिपूर्ति और 500 रुपये व्यय की वसूली तय की गई।
इन दोनों मामलों में स्पष्ट संदेश है कि ग्रामसभा की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन अब सख्ती बरत रहा है। नोटिस की अनदेखी और न्यायालय में अनुपस्थिति प्रतिवादियों पर भारी पड़ी। राजस्व संहिता के तहत की गई यह कार्यवाही भविष्य में अन्य अतिक्रमणकारियों के लिए चेतावनी मानी जा रही है।
हालांकि 31 मई को कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक कब्जा नहीं हटाया गया है, जो कब्जेदारों के हौसले बुलंद करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा हैं।