जिला चिकित्सालय मलखान सिंह में सीएमएस साहब और चिकित्सकों की चल रही मनमानी


मरीजों की लंबी लाइन लगने के बाद अपने-अपने कार्य पर आते हैं चिकित्सक


अलीगढ़। कहते हैं जिस राज्य में हिटलर शाही का आलम हो वहां की प्रजा को तमाम उत्पीड़न और यातनाएं झेलनी पड़ती हैं । लेकिन अलीगढ़ के जिलाचिकित्सालय मलखान सिंहमें नजारा बिल्कुल विपरीत ही है । जिला चिकित्सालय मलखान सिंह के सीएमएस साहब स्वयं दस बजे जिला चिकित्सालय आते हैं। जिसके कारण जिला चिकित्सालय के चिकित्सक भी मजे फरमा रहे हैं।घंटों
तक मरीजों की लाइन जब तक लंबी-लंबी नहीं लग जाती हैं तब तक संबंधित चिकित्सकों का आगमन नहीं होता है।मरीज आपस में आने जाने वाले लोगों से यही पूछते रहते हैं कि डॉक्टर साहब आए या नहीं, और डॉक्टर साहब होते हैं जो अपने मनमानी समय पर दर्शन देते हैं। इसके अलावा बिना अधिकृत रूप के रक्तजांच के सैंपल अनुभाग में ट्रेनिंग करने वाले युवक और युक्तियां कार्य कर रहे हैं। जबकि सीएमएस साहब की ओर से इनको कोई अनुमति प्राप्त नहीं है। नियमानुसार चिकित्सालय का कोई भी अधिकृत व्यक्ति इनसे कार्य लेने के लिए अधिकृत होता है। लेकिन बिना किसी अधिकृत कर्मचारियों के ही यह युवक युक्तियां कार्य करते दिखाई देते हैं। शुक्रवार को भी जीपीएस मैप कैमरे की मदद से जिला चिकित्सालय मलखान सिंह की कई रोगी कक्षों की तस्वीर ली गई । जिनमें मरीजों की लाइन के अलावा डॉक्टर साहब की कुर्सी खाली पाई गई, और तो और चिकित्सालय खुलने के आधा घंटे बाद भी चिकित्सकों के कमरे में ताले बंद मिले । यहां तक कि प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र भी अस्पताल खुलने के निर्धारित समय से 45 मिनट तक बंद रहता है। इस बारे में सीएमएस साहब को जब कॉल किया गया तो उनके द्वारा कॉल नहीं उठाया गया, जब व्हाट्सएप पर उनसे बंद कमरों के फोटो भेज कर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने पर्सनली बात करने को कहा। जब बात जनहित से जुड़ी होना बताया गया तो उन्होंने बारह बजे के बाद होने वाले अल्ट्रासाउंड कक्ष में कोई भी रेडियो लॉजिस्ट पोस्टेड नहीं होना बताया गया।