20,800 से अधिक वाटर टैंकों की सफाई, पेयजल गुणवत्ता की भी नियमित जांच

20,800 से अधिक वाटर टैंकों की सफाई, पेयजल गुणवत्ता की भी नियमित जांच

अजमेर, जयपुर और बीकानेर मंडलों में 100 प्रतिशत वाटर टैंकों की सफाई का लक्ष्य पूरा

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। 17 अगस्त 2026 से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक 20,800 से अधिक वाटर टैंकों की सफाई की जा चुकी है। अजमेर, जयपुर और बीकानेर मंडलों में सभी वाटर टैंकों की सफाई का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, जबकि जोधपुर मंडल में 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से जारी है।

रेलवे के अनुसार, वाटर टैंकों की नियमित सफाई निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार होती है, लेकिन विशेष अभियान के दौरान निर्धारित कार्यक्रम से अतिरिक्त सफाई भी की जा रही है। इससे जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल की नियमित जांच भी की जा रही है। अभियान के दौरान अब तक 7,376 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण, 887 जैविक और 413 रासायनिक परीक्षण किए गए हैं। इन जांचों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो।

अभियान के तहत सभी ऊपरी एवं भूमिगत वाटर टैंकों को उचित तरीके से ढककर रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि धूल, गंदगी और अन्य दूषित पदार्थ पानी के संपर्क में न आ सकें। इसके अलावा खुले एवं अन्य जल स्रोतों को आवश्यकतानुसार मजबूत लोहे की जाली और जालियों से ढकने की व्यवस्था की जा रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा जल स्रोतों की सफाई, पेयजल की नियमित जांच और सुरक्षित भंडारण के जरिए रेलवे परिसरों में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।