धनबाद से कोयंबटूर के बीच दौड़ेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, 22 अगस्त से शुरू होगा संचालन

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। धनबाद और कोयंबटूर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने जा रहा है। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और देश के पूर्वी हिस्से को दक्षिण भारत से बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से इस नई सुपरफास्ट ट्रेन के संचालन का निर्णय लिया है।

गाड़ी संख्या 22363 धनबाद?कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन 22 अगस्त 2026 से प्रत्येक शनिवार धनबाद से होगा। वहीं गाड़ी संख्या 22364 कोयंबटूर?धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस 25 अगस्त 2026 से प्रत्येक मंगलवार को कोयंबटूर से रवाना होगी।

करीब 50 घंटे में पहुंचेगी कोयंबटूर

धनबाद से यह ट्रेन शनिवार को शाम 4:10 बजे रवाना होकर सोमवार को शाम 6:30 बजे कोयंबटूर पहुंचेगी। वापसी में कोयंबटूर से ट्रेन मंगलवार को सुबह 7:50 बजे रवाना होकर गुरुवार को दोपहर 1 बजे धनबाद पहुंचेगी।

यह ट्रेन झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सहित कई राज्यों को जोड़ते हुए लंबी दूरी का सफर तय करेगी। इससे यात्रियों को दक्षिण भारत की यात्रा के लिए एक नया और सुविधाजनक रेल विकल्प मिलेगा।

इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव

धनबाद से कोयंबटूर के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस का ठहराव गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर, बल्हारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेद्दपल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम, विजयवाड़ा, ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर, रेनिगुंटा, तिरुत्तनी, काटपाडी, जोलारपेट्टई, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर सहित कई स्टेशनों पर होगा।

22 कोच की होगी ट्रेन

नई अमृत भारत एक्सप्रेस में कुल 22 कोच होंगे। इसमें एक एसएलआर/डी-2, 11 सामान्य श्रेणी के कोच, आठ स्लीपर कोच और एक पैंट्री कार शामिल है। इससे सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बेहतर सुविधा मिलेगी।

धनबाद?कोयंबटूर के बीच इस नई अमृत भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क मिलने के साथ व्यापार, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन के लिए दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यह ट्रेन देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।