प्रयागराज मंडल में इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट, पश्चिम मध्य रेलवे की टीम ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का किया गहन निरीक्षण

प्रयागराज। प्रयागराज मंडल में आयोजित दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के दूसरे दिन पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय की सेफ्टी ऑडिट टीम ने प्रयागराज जंक्शन पर रेल परिचालन और संरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। टीम ने लॉबी, रनिंग रूम, दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरणों का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता, उनके रखरखाव और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों को जांचा गया। टीम ने निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं को चिन्हित करते हुए उनका समयबद्ध निराकरण और उचित अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पश्चिम मध्य रेलवे की टीम में मुख्य यातायात योजना प्रबंधक राजेश दत्त बाजपेयी, मुख्य अभियंता सामान्य प्रदीप कुमार, मुख्य यांत्रिक अभियंता योजना आशीष के. कुलहाड़ा, मुख्य संचार अभियंता महिपाल सिंह और मुख्य विद्युत लोकोमोटिव अभियंता सुरेंद्र यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे।

बेहतर कार्यप्रणालियां साझा करने पर जोर

मंडल कार्यालय के संकल्प सभागार में मंडल रेल प्रबंधक की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में सेफ्टी ऑडिट टीम का नेतृत्व कर रहे राजेश दत्त बाजपेयी ने कहा कि इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं है, बल्कि अलग-अलग रेलवे की बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करना और उनसे सीखकर संरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना भी है।

बैठक में निरीक्षण की केंद्रीय निगरानी, ऑब्जर्वेशन के उचित अनुपालन तथा समपार फाटकों और ऊंचाई सीमा संकेतकों पर आम लोगों के लिए की गई मार्किंग को उचित स्थान पर सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरणों के नियमित अंतराल पर मॉक ड्रिल आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई, ताकि आपात स्थिति में कर्मचारी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई कर सकें।

प्रयागराज?फतेहपुर रेलखंड की बाउंड्री वॉल की सराहना

सेफ्टी ऑडिट टीम ने प्रयागराज मंडल के प्रयागराज?फतेहपुर रेलखंड में बनाई गई बाउंड्री वॉल की भी सराहना की। टीम के अनुसार, बाउंड्री वॉल से रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश और पशुओं के कारण होने वाली घटनाओं में कमी लाने में मदद मिली है। इसे सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के माध्यम से दूसरे रेलवे में अपनाई जा रही बेहतर व्यवस्थाओं को समझने और उन्हें अपने मंडल में लागू करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि ऑडिट टीम की ओर से दिए गए छोटे से छोटे सुझाव और ऑब्जर्वेशन पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक स्थान पर सामने आई कमी का समाधान केवल उसी स्थान तक सीमित नहीं रहेगा। आवश्यकता के अनुसार पूरे मंडल में उसकी समीक्षा कर समान सुधारात्मक कार्रवाई लागू की जाएगी, ताकि संरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन एम.एम. वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक इंफ्रा धनंजय सिंह, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला सहित प्रयागराज मंडल के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के माध्यम से रेलवे की सुरक्षा, संरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ कार्यप्रणाली में लगातार सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।