रेलवे अस्पताल स्टाफ ने सीखे जीवनरक्षक गुर, सीपीआर के लाइव प्रशिक्षण से बढ़े आपातकालीन उपचार के कौशल

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग एवं तकनीकी कर्मचारियों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से अपडेट रखने के उद्देश्य से मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित विकास केंद्र में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य आकर्षण सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का लाइव डेमो रहा, जिसमें आपातकालीन स्थिति में मरीज की जान बचाने की सही तकनीक सिखाई गई।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव शुक्ला, डॉ. प्रद्युम्न साहू सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मेडिकल स्टाफ को नवीन उपचार पद्धतियों और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी दी।

डॉ. प्रद्युम्न साहू ने सीपीआर की आवश्यकता, सही प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से जानकारी देते हुए मैनिकिन (डमी) के माध्यम से इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण में मेडिकल, नर्सिंग और तकनीकी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास किया।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार विकसित हो रहा है, इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों का नियमित प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। इससे मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सकती है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीताराम बुनकर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नई उपचार तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के ज्ञान का आकलन करने के लिए ऑनलाइन क्विज़ का आयोजन किया गया, जिसमें मेडिकल, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ ने उत्साह के साथ भाग लिया। रेलवे का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम, आधुनिक और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।