ट्रेन और रेलवे परिसर में धूम्रपान पड़ा महंगा, अब ₹2,000 जुर्माना; जोधपुर मंडल में 62 यात्रियों पर कार्रवाई

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। संशोधित जन विश्वास अधिनियम के तहत अब ट्रेन या रेलवे परिसर में धूम्रपान करते पकड़े जाने पर ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। पहले यह जुर्माना ₹200 था।

जोधपुर मंडल के सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) हितेश यादव ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन टिकट जांच अभियान के साथ-साथ धूम्रपान करने वालों के खिलाफ भी विशेष कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 के दौरान अब तक ट्रेनों और रेलवे परिसर में धूम्रपान करते हुए 62 यात्री पकड़े गए हैं। इनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए रेलवे ने ₹1.24 लाख का जुर्माना वसूला है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और रेलवे परिसरों को धूम्रपान मुक्त बनाना है। धूम्रपान से आग लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, वहीं इसका धुआं महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों के लिए भी परेशानी का कारण बनता है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन और रेलवे परिसर में धूम्रपान न करें तथा सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित रेल यात्रा के लिए रेलवे के नियमों का पालन करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।