केन्दरीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्थिफे सहित चार सूत्री मांगों को लेकर मानसिंह सेंगर का अनशन आरंभ

👉 यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं छात्रों के भविष्य के लिए है।

रसडा़(बलिया)सन्मार्ग। 23 जुलाई 2026 को दोपहर 12:00 बजे गाँधी पार्क, रसडा़ (बलिया) में सपा नेता एवं प्रमुख अनशनकारी मान सिंह सेंगर के नेतृत्व में नीट परिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निश्पक्षता तथा देश के करोड़ो विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा की मांग को लेकर 48 घंटे का शांतिपूर्ण अनशन प्रारम्भ हुआ।
अनशन को संबोधित करते हुए मान सिंह सेंगर ने कहा कि यह आन्दोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की आवाज बुलंद करने के लिए प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएं, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।और सेंगर ने कहा कि छात्रों के हितों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और देश की शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का विश्वास पुनः स्थापित हो। सेंगर की निम्न मांग नीट परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए, परीक्षा में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के कठोर कार्रवाई की जाए, भविष्य में पेपर लीक एवं अन्य अनियमितताओ को रोकने के लिए प्रभावी एवं जवाब दे व्यवस्था लागू की जाए, छात्रों के हितों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।
अनशन में सहयोगी अनशनकारियों के रूप में दिलीप सिंह सेंगर (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मथुरा महाविद्यलय), प्रकाश भारती (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, मथुरा महाविद्यालय), सतवंत सिंह (छात्र नेता, लखनऊ विश्वविद्यालय), राहुल पाण्डेय (छात्र नेता, मथुरा महाविद्यालय) तथा अजित तिवारी (छात्र नेता, मथुरा महाविद्यालय) भी सहभागी रहे। सभी ने विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हेतु आंदालन को अपना पूर्ण समर्थन दिया तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया। अनशन स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र-युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने पहुंचकर आन्दोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग का समर्थन किया।यह 48 घंटे का शांतिपूर्ण अनशन 25 जुलाई 2026को दोपहर 12:00 बजे सम्पन्न होगा। इसके उपरांत गाँधी पार्क से तहसील परिसर तक पदयात्रा निकाली जाएगी तथा उपजिलाधिकारी, रसड़ा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।