गोटन रेलवे स्टेशन पर पहली बार लगी पेट बोतल क्रशर मशीन, प्लास्टिक मुक्त स्टेशन की पहल को मिला बढ़ावा

जोधपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित गोटन रेलवे स्टेशन पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहली बार पेट (प्लास्टिक) बोतल क्रशर मशीन स्थापित की गई है। जेके सीमेंट के सहयोग से लगाई गई यह मशीन स्टेशन को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान उपयोग की गई खाली प्लास्टिक पानी की बोतलों को स्टेशन परिसर में फेंकने के बजाय इस मशीन में डालें। इससे प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा और स्टेशन परिसर स्वच्छ एवं साफ-सुथरा बना रहेगा।

उन्होंने बताया कि यह मशीन प्लास्टिक की बोतलों को क्रश कर उनका आकार काफी छोटा कर देती है। इससे प्लास्टिक के संग्रहण, परिवहन और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया अधिक आसान, किफायती और प्रभावी हो जाती है। साथ ही प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित गोटन स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे का मानना है कि 'प्लास्टिक मुक्त गोटन' अभियान तभी सफल होगा, जब यात्री भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। खाली प्लास्टिक बोतलों को क्रशर मशीन में डालकर यात्री न केवल स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को भी मजबूती देंगे।