महाप्रबंधक अमिताभ के नेतृत्व में उत्तर पश्चिम रेलवे ने विकास, सुरक्षा और आधुनिकता के क्षेत्र में रचा नया इतिहास

महाप्रबंधक अमिताभ के नेतृत्व में उत्तर पश्चिम रेलवे ने विकास, सुरक्षा और आधुनिकता के क्षेत्र में रचा नया इतिहास

उत्तर पश्चिम रेलवे ने महाप्रबंधक अमिताभ के दूरदर्शी नेतृत्व में विकास, आधुनिक तकनीक, यात्री सुविधाओं और सुरक्षित रेल संचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर भारतीय रेलवे में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनके कार्यकाल में उत्तर पश्चिम रेलवे ने आधारभूत ढांचे के विस्तार से लेकर तकनीकी नवाचार तक कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं।

आधारभूत संरचना विकास में तेज गति

उत्तर पश्चिम रेलवे में करीब 18,891 करोड़ रुपये की लागत से 1,460 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, ट्रैक दोहरीकरण और गेज परिवर्तन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसमें 574 किलोमीटर नई रेल लाइन, 793 किलोमीटर ट्रैक दोहरीकरण और 83 किलोमीटर गेज परिवर्तन शामिल हैं। साथ ही 1,372 किलोमीटर लंबाई की 12 नई परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है, जबकि 2,543 किलोमीटर की 28 सर्वे परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

अमृत भारत स्टेशन योजना से बदल रही स्टेशनों की तस्वीर

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे के 77 रेलवे स्टेशनों का लगभग 4,100 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। इसी क्रम में गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेल का पहला 72�48 मीटर एयर कॉनकोर्स तैयार किया गया, जो रेलवे इंजीनियरिंग क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

रेल विद्युतीकरण में बड़ी उपलब्धि

महाप्रबंधक अमिताभ के नेतृत्व में उत्तर पश्चिम रेलवे ने 99 प्रतिशत से अधिक ब्रॉडगेज रेलमार्ग, यानी 5,549 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत यात्री ट्रेनें और 61 प्रतिशत मालगाड़ियां विद्युत ट्रैक्शन पर संचालित हो रही हैं, जिससे ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है।

समयपालन और परिचालन में देश के अग्रणी जोन में शामिल

वर्ष 2026-27 में उत्तर पश्चिम रेलवे ने 94.44 प्रतिशत समयपालन के साथ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में भारतीय रेलवे में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही 103 जोड़ी ट्रेनों का संचालन 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से किया जा रहा है, जो परिचालन दक्षता का बड़ा उदाहरण है।

सुरक्षा और तकनीकी नवाचार को मिली प्राथमिकता

राजस्थान में गुढ़ा?थाठाना मिठड़ी के बीच भारतीय रेल का पहला 64 किलोमीटर लंबा ब्रॉडगेज समर्पित परीक्षण ट्रैक विकसित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 57.76 किलोमीटर निर्माण पूरा हो चुका है। रेल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए करीब 5,561 किलोमीटर नेटवर्क पर 2,600 करोड़ रुपये की लागत से कवच प्रणाली लागू करने की स्वीकृति दी गई है।

महाप्रबंधक अमिताभ का कार्यकाल उत्तर पश्चिम रेलवे में विकास, नवाचार और उत्कृष्ट प्रशासन के स्वर्णिम अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। उनके नेतृत्व में शुरू हुई परियोजनाएं आने वाले समय में राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इसी उत्कृष्ट कार्यशैली को देखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी विभिन्न कार्यक्रमों में महाप्रबंधक अमिताभ की कार्यप्रणाली, समर्पण और परिणाम आधारित नेतृत्व की खुलकर सराहना की है। यह उपलब्धि उत्तर पश्चिम रेलवे को भारतीय रेल के अग्रणी जोनों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।