पश्चिम रेलवे को बड़ी उपलब्धि, वटवा इलेक्ट्रिक लोको शेड को मिला प्रतिष्ठित ग्रीनको गोल्ड रेटिंग सम्मान

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद मंडल स्थित वटवा के इलेक्ट्रिक लोको शेड को पहली बार कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ग्रीन बिजनेस सेंटर द्वारा प्रतिष्ठित ग्रीनको गोल्ड रेटिंग सम्मान प्रदान किया गया है। यह सम्मान 18 जून 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ग्रीनको समिट 2026 के दौरान दिया गया।

यह सम्मान वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता अशोक कुमार को प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ वटवा इलेक्ट्रिक लोको शेड देश के अग्रणी हरित और सतत संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है।

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे अहमदाबाद मंडल और पश्चिम रेलवे के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान अधिकारियों और कर्मचारियों की पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का परिणाम है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार वटवा शेड ने डीजल आधारित संचालन को पूरी तरह समाप्त करते हुए वर्ष 2022-23 में 1.88 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की खपत को शून्य कर दिया, जिससे कार्बन उत्सर्जन में लगभग 100 प्रतिशत कमी आई। इसके साथ ही ऊर्जा बचत के लिए एलईडी लाइटें, पांच स्टार रेटेड पंखे, ऑक्यूपेंसी सेंसर और प्राकृतिक प्रकाश उपयोग प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया गया।

जल संरक्षण के क्षेत्र में वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण प्रणाली विकसित की गई है, जिससे हर वर्ष लगभग 20.5 लाख लीटर जल संरक्षण संभव हो रहा है। वहीं लोकोमोटिव में जल बचत तकनीक और जलरहित यूरिनल जैसी व्यवस्थाओं को भी लागू किया गया है।

नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अहमदाबाद मंडल में करीब 1863 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं, जिनसे हर वर्ष लाखों यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। यह भारतीय रेल के वर्ष 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

रेलवे ने शून्य अपशिष्ट भूमि भराव नीति अपनाते हुए कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण और संसाधनों के दोबारा उपयोग की व्यवस्था लागू की है। इससे हर वर्ष करीब 38 लाख रुपये की बचत भी हो रही है।

पश्चिम रेलवे ने बताया कि पहली बार किसी इलेक्ट्रिक लोको शेड को यह प्रतिष्ठित ग्रीनको गोल्ड रेटिंग मिली है। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण, हरित तकनीक, ऊर्जा बचत और सतत विकास के क्षेत्र में पश्चिम रेलवे की अग्रणी भूमिका को दर्शाती है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सम्मान भारतीय रेल के स्वच्छ, सुरक्षित, हरित और पर्यावरण अनुकूल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और अन्य रेलवे इकाइयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।