सतलाना यार्ड में अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते 21 जून को 5 ट्रेनों का संचालन प्रभावित, एक रद्द और दो के मार्ग बदले जाएंगे

सतलाना यार्ड में अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते 21 जून को 5 ट्रेनों का संचालन प्रभावित, एक रद्द और दो के मार्ग बदले जाएंगे

राजस्थान के जोधपुर मंडल अंतर्गत समदड़ी लूनी रेलखंड के बीच स्थित सतलाना यार्ड में तकनीकी कार्य के चलते 21 जून को पांच ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेल प्रशासन द्वारा फाटक संख्या 227 पर रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे सड़क और रेल यातायात को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। इस कार्य के लिए लिए जा रहे ब्लॉक के कारण कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है।

जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान एक ट्रेन पूरी तरह रद्द रहेगी, दो ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से रद्द किया गया है, जबकि दो ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 21 जून को भगत की कोठी बाड़मेर सवारी रेलगाड़ी संख्या 74839 रद्द रहेगी, जबकि बाड़मेर भगत की कोठी सवारी रेलगाड़ी संख्या 74840 का संचालन 22 जून को नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बाड़मेर भगत की कोठी एक्सप्रेस संख्या 14896 अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं जाकर केवल समदड़ी तक संचालित होगी। वहीं भगत की कोठी पालनपुर एक्सप्रेस संख्या 14893 अपने निर्धारित प्रारंभिक स्टेशन भगत की कोठी के स्थान पर समदड़ी से पालनपुर के बीच चलाई जाएगी।

इसी प्रकार निर्माण कार्य के कारण साबरमती जैसलमेर साबरमती सुपरफास्ट एक्सप्रेस संख्या 20485 और 20486 को भी परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। यह रेलगाड़ी 21 जून को महेसाना, मारवाड़ जंक्शन और लूनी होकर चलेगी। इस बदले हुए मार्ग में रेलगाड़ी ऊंझा, सिद्धपुर, पालनपुर, आबूरोड, पिंडवाड़ा, सुमेरपुर, जवाई बांध, फालना, रानी, मारवाड़ जंक्शन और पाली मारवाड़ स्टेशनों पर रुकेगी। जबकि पाटन, भीलड़ी, धनेरा, रानीवाड़ा, मोकलसर, समदड़ी और दुंदाड़ा स्टेशनों पर इसका ठहराव नहीं होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेलवे अंडरब्रिज बनने से क्षेत्र के लोगों को रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और बिना रुके आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे यात्रा में समय की बचत होगी, ईंधन की खपत कम होगी, वाहनों से होने वाला प्रदूषण घटेगा और रेलवे फाटक पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। इसके साथ ही ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुरक्षित और सुचारु रूप से किया जा सकेगा। यह परियोजना यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।