हरदोई के शाहाबाद थाने में चल रही मनमानी, मूल शिकायत में नाम न होने के बावजूद मुकदमे में शामिल करने का आरोप, पत्रकार ने की निष्पक्ष जांच की मांग

हरदोई। शाहाबाद मे अड्डा वसूली प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। पत्रकार पप्पू दीक्षित ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा प्रकाशित समाचारों से नाराज कुछ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें प्रतिशोधवश मुकदमे में नामजद कराया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
बताया गया कि वाहन चालक आलोक दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए मूल प्रार्थना पत्र और आईजीआरएस शिकायत में अल्हापुर तिराहे पर कथित रूप से 50 रुपये की अवैध वसूली मांगने और वाहन सीज कराने की शिकायत की थी। आरोपों के अनुसार उस शिकायत में पत्रकार पप्पू दीक्षित का नाम शामिल नहीं था।
पप्पू दीक्षित का कहना है कि बाद में तैयार की गई तहरीर में उनका नाम जोड़कर मुकदमा अपराध संख्या 395/26 दर्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि वादी आलोक दीक्षित ने शपथपत्र देकर कहा है कि उनकी मूल शिकायत में पप्पू दीक्षित का नाम नहीं था और वह उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया कि शाहाबाद क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों द्वारा पूर्व में भी उनके साथ प्रताड़नात्मक व्यवहार किया गया था। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
वहीं, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार दिनेश प्रसाद मिश्रा ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह आमरण अनशन करेंगे।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।