चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान दो यात्रियों की जान बचाकर मध्य रेलवे सुरक्षा बल बना जीवन रक्षक

मुंबई। मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल ने जीवन रक्षा अभियान के तहत सतर्कता, बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो यात्रियों की जान बचाई। मध्य रेलवे का सुरक्षा बल न केवल रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा में चौबीसों घंटे तैनात रहता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों के लिए जीवन रक्षक की भूमिका भी निभाता है।

जीवन रक्षा अभियान के अंतर्गत आरपीएफ लगातार उन यात्रियों की जान बचा रहा है, जो लापरवाही के कारण चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के दौरान दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में नासिक रोड और वर्धा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बल के जवानों ने अपनी तत्परता से दो बड़े हादसे टाल दिए।

पहली घटना ? नासिक रोड रेलवे स्टेशन, 12 मई 2026

नासिक रोड स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा बल के जवान गौतम बिरहाडे ने एक यात्री की जान बचाई। यात्री अपने परिवार के साथ दादर-गोरखपुर विशेष रेलगाड़ी से यात्रा कर रहा था और स्टेशन पर सामान खरीदने के लिए नीचे उतरा था। जैसे ही ट्रेन चलने लगी, घबराहट में उसने चलती रेलगाड़ी में चढ़ने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह रेलगाड़ी और प्लेटफॉर्म के बीच फंसने लगा। स्थिति को देखते हुए गौतम बिरहाडे तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उन्होंने गार्ड को संकेत देकर रेलगाड़ी रुकवाई और यात्री को सुरक्षित वापस चढ़वाया।

दूसरी घटना ? वर्धा रेलवे स्टेशन, 31 मई 2026

वर्धा स्टेशन पर ड्यूटी कर रही महिला सुरक्षा कर्मी कल्पना जाधव ने भी साहस का परिचय दिया। नवजीवन एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म से रवाना हो चुकी थी, तभी गर्भवती यात्री जीवा लक्ष्मणन ने चलती रेलगाड़ी में चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन कल्पना जाधव ने तुरंत दौड़कर उनका हाथ पकड़ लिया और उन्हें सुरक्षित खींचकर गंभीर दुर्घटना होने से बचा लिया।

मध्य रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाया जा रहा जीवन रक्षा अभियान लगातार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती रेलगाड़ी में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। किसी भी आपात स्थिति में यात्री रेलवे सहायता संख्या 139 पर संपर्क कर सकते हैं या ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस अथवा रेलवे कर्मचारियों से सहायता ले सकते हैं।

यह जानकारी मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा जारी की गई।