मध्य रेल का टिकट जांच अभियान रंग लाया, 61 दिनों में 14,744 मामले पकड़े, 62 लाख रुपये से अधिक की वसूली

मध्य रेल का टिकट जांच अभियान रंग लाया, 61 दिनों में 14,744 मामले पकड़े, 62 लाख रुपये से अधिक की वसूली

मुंबई। मध्य रेल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष टिकट जांच अभियानों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान ?फोर्ट्रेस चेक?, ?एंबुश चेक?, ?स्पॉट चेक?, ?इंटेंसिव चेक? और ?क्रॉस-कंट्री चेक? जैसे विशेष अभियानों के माध्यम से 14,744 मामलों का पता लगाया गया और 62.08 लाख रुपये की वसूली की गई।

मध्य रेल के मुंबई मंडल के विशाल उपनगरीय नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 39 लाख यात्री 1,820 लोकल सेवाओं के माध्यम से यात्रा करते हैं। यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के साथ-साथ रेलवे राजस्व की सुरक्षा भी मध्य रेल की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से नियमित जांच के अतिरिक्त विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार 61 दिनों की अवधि में औसतन प्रतिदिन 241 मामलों का पता चला और एक लाख रुपये से अधिक की वसूली हुई। इन अभियानों के तहत स्टेशनों और ट्रेनों में अचानक एवं सघन जांच कर बिना टिकट यात्रा, सीजन टिकट के दुरुपयोग, अनियमित यात्रा तथा बिना बुक किए सामान ले जाने जैसे मामलों पर कार्रवाई की गई।

विशेष रूप से ?फोर्ट्रेस चेक? और ?स्पेशल फोर्ट्रेस चेक? अभियानों में रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों ने प्रमुख स्टेशनों पर व्यापक जांच की। वहीं ?एंबुश चेक? के तहत चलती ट्रेनों में अचानक जांच कर नियम उल्लंघन करने वालों को पकड़ा गया।

मध्य रेल का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल राजस्व संरक्षण नहीं, बल्कि नियमों का पालन करने वाले ईमानदार यात्रियों के हितों की रक्षा करना भी है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट और अनियमित यात्रा के विरुद्ध अभियान आगे भी और अधिक सख्ती से जारी रहेंगे।

मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य लें और टिकट जांच कर्मचारियों का सहयोग करें, ताकि उपनगरीय रेल नेटवर्क में यात्रा व्यवस्था सुरक्षित, सुचारु और नियमसम्मत बनी रहे।