एसी लोकल में फर्जी RPF जवान बनकर कर रहा था सफर, महिला टीटीई की सतर्कता से दबोचा गया

एसी लोकल में फर्जी RPF जवान बनकर कर रहा था सफर, महिला टीटीई की सतर्कता से दबोचा गया

मुंबई। मध्य रेलवे की टिकट जांच टीम ने एक ऐसे शख्स को पकड़कर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के हवाले किया, जो बिना टिकट यात्रा करने के साथ-साथ खुद को RPF कर्मी बताकर अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।

जानकारी के अनुसार, 8 जून 2026 की शाम मुंबई मंडल की एसी लोकल ट्रेन में टिकट जांच के दौरान ट्रैवलिंग टिकट इंस्पेक्टर (टीटीई) श्रद्धा सालुंखे और केतकी कदम ने मानखुर्द और वडाला रोड स्टेशनों के बीच एक यात्री से टिकट दिखाने को कहा। पूछताछ के दौरान यात्री ने स्वयं को RPF कर्मी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया, लेकिन वह यात्रा करने का कोई वैध प्राधिकरण (ट्रैवलिंग अथॉरिटी) प्रस्तुत नहीं कर सका।

टीटीई को उसके पहचान पत्र और व्यवहार पर संदेह हुआ। जब उससे कुछ संबंधित सवाल पूछे गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिससे उसके फर्जी होने की आशंका और मजबूत हो गई।

इसके बाद यात्री, जिसने अपना नाम एम. डी. मलंग बताया, को तत्काल हिरासत में लेकर RPF और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया। मामले में लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

रेलवे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 204, 337, 339, 340(2), 319(2), 318(4) और 137 के तहत विभिन्न अपराधों में एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।

मध्य रेलवे ने यात्रियों और कर्मचारियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) एक गंभीर आपराधिक अपराध है। वास्तविक RPF कर्मी अधिकृत पहचान पत्र रखते हैं और टिकट जांच में पूरा सहयोग करते हैं। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति स्वयं को रेलवे कर्मचारी बताता है, तो उसकी सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139, निकटतम RPF पोस्ट या ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मियों को दें।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने महिला टीटीई की सतर्कता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सजगता से एक फर्जी व्यक्ति को पकड़ने में सफलता मिली, जिससे रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है।