रेलवे की तेज पार्सल सेवा से किसानों को फायदा, पठानकोट से मुंबई भेजी गई ताजा लीची की खेप

रेलवे की तेज पार्सल सेवा से किसानों को फायदा, पठानकोट से मुंबई भेजी गई ताजा लीची की खेप

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में किसानों और व्यापारियों को रेलवे की तेज पार्सल सेवा का लगातार लाभ मिल रहा है। कश्मीर से चेरी की सफल लोडिंग के बाद अब पंजाब के पठानकोट क्षेत्र से ताजा लीची की खेप मुंबई के बड़े बाजारों तक भेजी गई है। रेलवे की इस पहल से स्थानीय बागवानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद देश के बड़े शहरों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिल रही है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार 12 जून 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से मुंबई स्थित बांद्रा टर्मिनस के लिए 28 पैकेज ताजा लीची बुक कर रवाना किए गए। इन पैकेजों का कुल वजन करीब 280 किलोग्राम है। रेलवे ने इन फलों को एक्सप्रेस ट्रेनों के पार्सल यान में प्राथमिकता के आधार पर लोड कर कम से कम समय में मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की है, ताकि फल की ताजगी बरकरार रह सके और व्यापारियों को बेहतर बाजार मिल सके।

इससे पहले श्री माता वैष्णो देवी कटरा और जम्मू रेलवे स्टेशन से चेरी की सफल लोडिंग की जा चुकी है। चेरी की सफलता के बाद अब लीची की खेप भेजे जाने से यह साफ हो गया है कि किसान तेजी से रेलवे की पार्सल सेवा पर भरोसा जता रहे हैं।

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार एक जून 2026 से अब तक पठानकोट कैंट स्टेशन से कुल 128 पैकेज ताजा लीची देश के विभिन्न शहरों के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें बांद्रा टर्मिनस के लिए भेजे गए 28 पैकेज भी शामिल हैं। अब तक भेजे गए कुल पैकेजों का वजन लगभग 1280 किलोग्राम दर्ज किया गया है।

जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि पठानकोट क्षेत्र लीची उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि चेरी की सफल लोडिंग के बाद लीची की यह नई खेप किसानों और व्यापारियों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। रेलवे ने किसानों और व्यापारियों को मुंबई, दिल्ली सहित देश के बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए पार्सल बुकिंग प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया है।

उन्होंने कहा कि रेलवे का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसानों का उत्पाद ताजा अवस्था में सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे ताकि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। रेलवे की यह पहल स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

रेलवे प्रशासन की यह व्यवस्था अब किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनती जा रही है, जिससे कम समय में ताजा फल देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाए जा रहे हैं और स्थानीय व्यापार को नई मजबूती मिल रही है।