चलती ट्रेन में चोरी का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार; एएसआई अशोक कुमार बने ‘मैन ऑफ द मंथ’

जोधपुर। चलती ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल और पर्स चोरी करने वाले दो शातिर चोरों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले रेलवे सुरक्षा बल के सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार को उत्कृष्ट कार्य के लिए ?मैन ऑफ द मंथ? पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अनुराग त्रिपाठी ने शुक्रवार को प्रदान किया।

जानकारी के अनुसार 14 मई को ट्रेन संख्या 19224 जम्मूतवी-साबरमती एक्सप्रेस में नोखा और जोधपुर स्टेशनों के बीच एएसआई अशोक कुमार सादे वेश में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान कोच एस-6 में एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां देखकर उसे पकड़ लिया गया। उस पर सो रहे यात्रियों के मोबाइल फोन और महिलाओं के पर्स चोरी करने का आरोप था।

इसी दौरान कोच एस-1 में यात्रा कर रहे यात्रियों ने रेल मदद पर चोरी की शिकायत दर्ज कराई। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर उसके दूसरे साथी को भी उसी ट्रेन से हिरासत में ले लिया गया। तलाशी लेने पर दोनों आरोपियों के पास से चोरी किए गए मोबाइल फोन, चार्जर, नकदी और एक महिला का पर्स बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने अलग-अलग डिब्बों से सामान चोरी करना स्वीकार कर लिया।

इसके बाद दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए राजकीय रेलवे पुलिस मेड़ता रोड के हवाले कर दिया गया। यात्रियों की शिकायत के आधार पर जीआरपी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सम्मान समारोह के दौरान करनी राम, नीतिश शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि एएसआई अशोक कुमार की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे सुरक्षा बल की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।