सुरक्षित सफर के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर का करें सही इस्तेमाल: रेलवे हैंडरेल पकड़ें, बच्चों का रखें विशेष ध्यान, भारी सामान के साथ एस्केलेटर से बचें

जोधपुर। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई गई लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी आधुनिक सुविधाओं के सुरक्षित उपयोग को लेकर रेलवे प्रशासन ने महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे इन सुविधाओं का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि लिफ्ट का उपयोग करते समय यात्रियों को दरवाजे पूरी तरह खुलने तक इंतजार करना चाहिए और पहले बाहर निकलने वाले यात्रियों को रास्ता देना चाहिए। लिफ्ट में अधिक भीड़ होने पर अगली लिफ्ट का इंतजार करें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में दरवाजा जबरन खोलने का प्रयास न करें और आवश्यकता पड़ने पर अलार्म बटन या हेल्पलाइन की सहायता लें।

उन्होंने कहा कि एस्केलेटर पर चढ़ते समय हमेशा आगे की ओर मुंह करके खड़े रहें और हैंडरेल को मजबूती से पकड़ें। पैरों को पीली सुरक्षा रेखाओं के भीतर रखें तथा दौड़ने या जल्दबाजी करने से बचें। बच्चों का हाथ पकड़कर रखें और साड़ी, दुपट्टा, ढीले कपड़े, जूतों की लेस एवं बैग जैसी वस्तुओं को सावधानी से संभालें ताकि वे मशीन में फंस न सकें।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि भारी सामान, ट्रॉली बैग, व्हीलचेयर अथवा बेबी स्ट्रॉलर के साथ एस्केलेटर का उपयोग न करें। ऐसी परिस्थितियों में लिफ्ट का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है।

एस्केलेटर के बटनों से छेड़छाड़ न करें

रेलवे ने यात्रियों से स्वचालित सीढ़ियों पर लगे स्टार्ट, स्टॉप और आपातकालीन बटनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार अनावश्यक रूप से बटन दबाने से एस्केलेटर अचानक रुक सकता है, जिससे यात्रियों के गिरने और घायल होने का खतरा बढ़ जाता है।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि यदि किसी स्टेशन पर लिफ्ट या एस्केलेटर में कोई खराबी दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल स्टेशन स्टाफ या हेल्प डेस्क को दें। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है, जिसके लिए यात्रियों का सहयोग भी बेहद आवश्यक है।

रेलवे प्रशासन ने विश्वास जताया है कि यात्रियों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन किए जाने से स्टेशन परिसरों में यात्रा और अधिक सुरक्षित एवं आरामदायक बन सकेगी।