जोनल रेल मुख्यालय में कवि सुमित्रानंदन पंत की 126वीं जयंती श्रद्धा व साहित्यिक वातावरण में मनाई गई

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल मुख्यालय स्थित प्रधान कार्यालय, बिलासपुर में राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी साहित्य के छायावादी युग के महान कवि सुमित्रानंदन पंत की 126वीं जयंती श्रद्धा एवं साहित्यिक वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पंत जी को याद करते हुए उनके साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर पीताम्बर लाल जाटवर, राजभाषा अधिकारी (मुख्यालय), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर तथा उपस्थित कर्मचारियों ने पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान पंत जी की प्रकृति प्रेम और मानवता से जुड़ी रचनाओं पर चर्चा की गई।राजभाषा अधिकारी जाटवर ने कहा कि सुमित्रानंदन पंत की जयंती उनके द्वारा प्रकृति और मानवता के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि पंत जी की कविताएं भी समाज और जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देती हैं। साहित्य के माध्यम से उन्होंने भावनाओं, प्रकृति और मानव जीवन को अत्यंत सुंदर रूप में प्रस्तुत किया।उन्होंने बताया कि पंत जी की प्रमुख रचनाओं में पल्लव,वीणा,चिदंबरा और लोकायतन शामिल हैं। उनकी कृति चिदंबरा के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों द्वारा पंत जी की प्रसिद्ध कविताओं नौका विहार तथा पर्वत प्रदेश में पावस का पाठ किया गया, जिससे पूरा वातावरण साहित्य और प्रकृति प्रेम से सराबोर हो गया।इस अवसर पर सभी ने प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया।