दिव्यांग समाज की गरिमा पर चोट बर्दाश्त नहीं — थाना हजरतगंज कमिश्नरेट लखनऊ में एफआईआर हेतु सौंपा गया प्रार्थना पत्र

पंकज चौधरी की रीढ़ की हड्डी पर टिप्पणी से आहत दिव्यांग समाज, माफी नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Samajwadi Party Media Cell द्वारा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी जी की ?रीढ़ की हड्डी? को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में दिव्यांग समाज ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए थाना हजरतगंज कमिश्नरेट लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराने हेतु प्रार्थना पत्र सौंपा।

प्रतिभागी राष्ट्रीय युवा संसद एवं देश के प्रथम दिव्यांग युवा सांसद सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने कहा कि ?रीढ़ की हड्डी सीधी कीजिए? जैसे शब्द केवल राजनीतिक व्यंग्य नहीं, बल्कि उन लाखों दिव्यांगजनों की पीड़ा, संघर्ष और आत्मसम्मान का अपमान हैं, जो रीढ़, नसों एवं अन्य शारीरिक चुनौतियों के साथ हर दिन संघर्षपूर्ण जीवन जीते हैं।

उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि जिस दर्द को एक दिव्यांग व्यक्ति वर्षों तक अपने भीतर सहता है, उसी दर्द को राजनीति में उपहास का विषय बना देना अत्यंत असंवेदनशील और अमानवीय मानसिकता का परिचायक है। राजनीति विचारों की हो सकती है, लेकिन किसी की शारीरिक स्थिति, बीमारी या दिव्यांगता पर कटाक्ष करना मानवता और सामाजिक मर्यादा दोनों के खिलाफ है।

सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने कहा कि दिव्यांगजन किसी की सहानुभूति नहीं, बल्कि सम्मान और समान अधिकार चाहते हैं। देश का दिव्यांग समाज आज शिक्षा, खेल, प्रशासन, राजनीति और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहा है, लेकिन कुछ लोग अब भी दिव्यांगता को मजाक समझने की भूल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी केवल एक व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे दिव्यांग समाज के आत्मसम्मान का अपमान है। ऐसे शब्द उन परिवारों के घाव भी ताजा कर देते हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए आगे बढ़ाया है।

थाना हजरतगंज कमिश्नरेट लखनऊ में दिए गए प्रार्थना पत्र में मांग की गई कि समाजवादी पार्टी के मुखिया श्रीअखलेश यादव, संबंधित सोशल मीडिया हैंडल संचालकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही आपत्तिजनक पोस्ट को तत्काल हटाकर सार्वजनिक रूप से दिव्यांग समाज से माफी मांगी जाए।

सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर का दिव्यांग समाज सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा। सोमवार को विरोध स्वरूप पुतला दहन, धरना-प्रदर्शन एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दिव्यांग समाज अब चुप रहने वाला नहीं है। सम्मान पर चोट होगी तो आवाज भी उठेगी और संघर्ष भी होगा। यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उन करोड़ों दिव्यांगजनों की गरिमा और सम्मान की रक्षा की लड़ाई है, जिन्हें संविधान ने समान अधिकार और सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है।

इस अवसर पर उपस्थित दिव्यांगजन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा?

?दिव्यांग समाज दया नहीं, सम्मान चाहता है।?