दिव्यांगजनों को मिले संसद और विधानसभाओं में 4% आरक्षण: सूर्यदेव सिंह सोमवंशी

देश में दिव्यांगजनों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक बार फिर आवाज तेज हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद में प्रतिभाग कर देश के प्रथम दिव्यांग युवा सांसद के रूप में पहचान बना चुके सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद में दिव्यांगजनों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठाई है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर और भागीदारी मिले। दिव्यांगजन आज भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित हैं, जबकि वे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उन्हें निर्णय लेने वाली संस्थाओं में शामिल करना समय की मांग है। सोमवंशी ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि दिव्यांगजन भी नीति निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने इसे ?समान अवसर और समान भागीदारी? की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि जब देश में शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है, तो राजनीति में भी यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इससे न केवल दिव्यांग समुदाय का सशक्तिकरण होगा, बल्कि देश का लोकतंत्र भी अधिक समावेशी बनेगा।

यह मांग ऐसे समय में उठी है जब देशभर में दिव्यांग अधिकारों और उनके सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और दिव्यांगजनों को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।