महिला सुरक्षा, युवा शक्ति और दिव्यांगजनों के अधिकार एवं प्रतिनिधित्व पर चर्चा

महिला सुरक्षा, युवा शक्ति, दिव्यांगजन अधिकार एवं राजनीतिक-सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की यशस्वी अध्यक्ष आदरणीया डॉ. बबीता सिंह चौहान जी से प्रतिभागी राष्ट्रीय युवा संसद, देश के प्रथम दिव्यांग युवा सांसद एवं युवा सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने शिष्टाचार मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।

यह मुलाकात समाज के वंचित, कमजोर एवं उपेक्षित वर्गों की आवाज को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। मुलाकात के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा, महिला स्वावलंबन, युवाओं की सकारात्मक राजनीति में भागीदारी, दिव्यांगजनों के अधिकार, सरकारी योजनाओं की पहुंच एवं समाज में सम्मानजनक प्रतिनिधित्व जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान जी ने कहा कि किसी भी सभ्य और विकसित समाज की पहचान महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं एवं दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक नेतृत्व की भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।

सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने कहा कि आदरणीया डॉ. बबीता सिंह चौहान जी का व्यक्तित्व संघर्ष, सेवा, संवेदनशीलता और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए जिस समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि आज समाज को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज बनकर कार्य करे।

मुलाकात के दौरान दिव्यांगजनों के राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने, युवाओं को राष्ट्रहित से जोड़ने, महिला जागरूकता अभियान को मजबूत करने तथा समाज में समान अवसर की भावना विकसित करने जैसे विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने कहा कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि अवसर, सम्मान और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज में महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगजनों को समान अवसर एवं नेतृत्व दिया जाए तो भारत विश्व की सबसे सशक्त सामाजिक शक्ति बन सकता है।