फर्जी स्मार्ट कार्ड पर परिवहन विभाग के आधिकारियों को युवा सांसद ने दी कड़ी चेतावनी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजन को परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क� यात्रा का प्रावधान किया गया है जिसमें 40% है उससे अधिक के दिव्यांग को तथा 80% या उससे अधिक दिव्यांग को उसके सहायक के साथ नि:शुल्क यात्रा का प्रावधान है जिसका भुगतान उत्तर प्रदेश का दिव्यांगजनशक्तिकरण विभाग करता है दिव्यांगजन से डायरेक्ट कोई किराया नहीं लिया जाता�हाल ही में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से परिवहन विभाग के परिचालकों और ट्रैफिक इंचार्ज द्वारा स्मार्टकार्ड के नाम पर दिव्यांगजनों को प्रताड़ित किए जाने के कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे और झूठी और भ्रामक खबर स्मार्ट कार्ड के नाम पर फैलाई जाने लगी जबकि प्रावधान है कि दिव्यांग अपने यूडीआईडी कार्ड के दिखाकर उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बस में यात्रा कर सकता है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की खबर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में वर्ष २०१९ में आयोजितराष्ट्रीय युवा संसद में प्रतिभाग�करने वाले देश के प्रथम दिव्यांग युवा सांसद सूर्यदेव सिंह सोमवंशी�को लगी उन्होंने तुरंत ही इस संदर्भ में परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की परिवहन विभाग के RM और ARM द्वारा संतोषजनक उत्तर न प्राप्त होने पर उन्होंने परिवहन विभाग मुख्यालय के उच्च अधिकारियों से बात की जिससे पता चला कि स्मार्ट कार्ड जैसी बात महज एक अफवाह है इस पर युवा सांसद ने कड़ा विरोध जताया उच्च अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि जल्द ही इस अफवाह का खंडन करते हुए एडवाइजरी जारी की जाएगी और विभागीय स्तर से सभी परिचालकों और अधिकारियों को इससे संबंधित स्पष्ट निर्देश दिया जाएगा जिससे भविष्य में किसी भी दिव्यांग को इस योजना से वंचित� ना होना पड़े