जम्मू मंडल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर किया वीर जवानों और रेलकर्मियों को नमन

जम्मू मंडल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर किया वीर जवानों और रेलकर्मियों को नमन

ऑपरेशन के दौरान उत्कृष्ट सेवा के लिए उचित सिंघल को सेना प्रमुख ने किया था सम्मानित

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' की प्रथम वर्षगांठ देशभक्ति और गर्व के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर जम्मू मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय सेना के अदम्य साहस और रेलकर्मियों की सेवा भावना को नमन किया गया। पूरे मंडल में देश सेवा का भाव और राष्ट्रभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 6-7 मई 2025 को पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया एक निर्णायक और सटीक सैन्य अभियान था। इस ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर भारत की आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से प्रदर्शित किया गया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में जम्मू एक नवनिर्मित मंडल के रूप में अस्तित्व में आया था, जहां शुरुआती दौर में संसाधनों और कार्यशील व्यवस्थाओं की सीमाएं थीं। इसके बावजूद जम्मू मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट कार्य करते हुए रेलवे संचालन को सुचारू बनाए रखा और राष्ट्र सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू मंडल के 200 से अधिक परिचालन एवं वाणिज्यिक कर्मचारियों ने 24 घंटे सेवाएं देकर यात्रियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही को निर्बाध बनाए रखा। मंडल के अथक प्रयासों से न केवल फंसे यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, बल्कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सुनिश्चित की गई। इस दौरान सभी ट्रेनें निर्धारित समय पर संचालित की गईं और आवश्यकता अनुसार विशेष आरक्षित एवं अनारक्षित ट्रेनों का संचालन भी किया गया।

तनावपूर्ण सीमा परिस्थितियों में जम्मू मंडल के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अग्रिम मोर्चे पर रहकर सैन्य गतिविधियों को प्राथमिकता दी। सैन्य टुकड़ियों को ले जाने वाली विशेष रेलगाड़ियों को रिकॉर्ड समय में गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिससे सैन्य रसद और सहायता में किसी प्रकार की देरी नहीं हुई। साथ ही आम यात्रियों और तीर्थयात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। स्टेशनों पर सहायता डेस्क स्थापित कर यात्रियों को जानकारी प्रदान की गई, जिससे किसी भी अफवाह या डर के माहौल को नियंत्रित किया जा सके।

इस दौरान कमर्शियल कंट्रोल रूम को एक नर्व सेंटर के रूप में विकसित किया गया, जहां अधिकारी लगातार सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करते रहे। यात्रियों के खान-पान, आवश्यक सुविधाओं और संचालन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

जम्मू मंडल द्वारा किए गए इन उत्कृष्ट प्रयासों में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उनके कुशल नेतृत्व और उत्कृष्ट प्रबंधन क्षमता के चलते ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य रसद एवं रेलवे स्टेशन संचालन को प्रभावी ढंग से संभाला गया। इसी सराहनीय योगदान के लिए मई 2025 में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा उचित सिंघल को सम्मानित भी किया गया था।

उत्तर रेलवे जम्मू मंडल ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर यह संदेश दिया कि रेलवे न केवल देश की जीवनरेखा है, बल्कि संकट के समय राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा में भी पूरी मजबूती से खड़ा रहता है।

राघवेंद्र सिंह जनसंपर्क निरीक्षक, जम्मू मंडल