वैष्णो देवी मंदिर पहुंचकर भावुक हुईं कनिका माहेश्वरी, बोलीं- “माता रानी से पुत्र मांगा था, उन्होंने आशीर्वाद दे दिया”

जम्मू। टेलीविजन जगत की चर्चित अभिनेत्री कनिका माहेश्वरी हाल ही में माता वैष्णो देवी मंदिर पहुंचीं, जहां दर्शन कर वह भावुक हो गईं। कनिका ने मंदिर से अपने गहरे जुड़ाव और आस्था से जुड़े कई भावुक अनुभव साझा किए। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ धार्मिक दर्शन नहीं, बल्कि एक ऐसा सफर है जो उन्हें जीवन की पुरानी यादों और माता रानी के प्रति कृतज्ञता से भर देता है।

कनिका ने बताया कि वैष्णो देवी मंदिर से उनका रिश्ता बचपन से जुड़ा है। उन्होंने कहा,

"बचपन से ही मुझे वैष्णो देवी दर्शन की बहुत प्यारी यादें हैं। मैं अपने माता-पिता और चचेरे भाई-बहनों के साथ यहां आती थी। हर यात्रा बेहद खास होती थी। यहां एक अलग ही शांति और ऊर्जा महसूस होती है, जो बार-बार यहां आने के लिए खींचती है।"

"टिकट नहीं मिल रहे थे, माता रानी ने रास्ता बना दिया"

कनिका ने एक पुराने अनुभव को याद करते हुए बताया कि एक बार जब उनका परिवार जम्मू से घर लौट रहा था, तब टिकट नहीं मिल रहे थे और सभी बेहद परेशान थे। उसी दौरान उनकी मां ने माता रानी से प्रार्थना की।

कनिका के मुताबिक,

"जब सब कुछ असंभव लग रहा था, तभी एक परिवार हमारे पास आया और बोला कि वे यात्रा नहीं कर रहे हैं और उनके पास टिकट हैं। उन्होंने हमसे कहा कि क्या हम टिकट लेना चाहेंगे। उस समय यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। हम सुरक्षित घर पहुंच गए और उस दिन के बाद माता रानी में हमारी आस्था और मजबूत हो गई।"

"माता रानी से पुत्र की प्रार्थना की थी"

कनिका माहेश्वरी ने अपने जीवन के सबसे भावुक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने माता रानी से पुत्र प्राप्ति की कामना की थी और उनकी प्रार्थना पूरी हुई।

उन्होंने कहा,

"मैंने माता रानी से पुत्र की प्रार्थना की थी और उन्होंने मुझे अपना आशीर्वाद दिया। मेरा बेटा सचमुच माता रानी का चमत्कार है। मैंने अपने बेटे का नाम रेयांश रखा है।"

कनिका ने बताया कि यह नाम उन्होंने नानकपुर के नानक से प्रेरित होकर रखा। उन्होंने कहा कि जब भी वह अपने बेटे को देखती हैं, तो उनका दिल कृतज्ञता और प्रेम से भर जाता है।

"आज फिर यहां आकर मैं भावुक हो गई हूं"

दर्शन के बाद अभिनेत्री ने कहा कि वैष्णो देवी मंदिर आना उनके लिए हर बार एक नई ऊर्जा और भावनाओं का अनुभव होता है।

उन्होंने कहा,

"आज फिर यहां आकर मैं भावुक हो गई हूं। यह मुझे माता रानी से मिली हर प्रार्थना, हर आस्था के पल और हर आशीर्वाद की याद दिलाता है। माता रानी ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद ही कह सकती हूं।"

हर पांच साल में दर्शन का वादा

अपनी यात्रा के पीछे का कारण बताते हुए कनिका ने कहा कि उन्होंने माता रानी से वादा किया था कि वह हर पांच साल में वैष्णो देवी मंदिर जरूर आएंगी।

उन्होंने बताया,

"मैं पिछली बार 40 साल की उम्र में आई थी और अब जब मैं 45 साल की होने वाली हूं, तो मैं फिर यहां आई हूं।"

आस्था और विश्वास का प्रतीक बनी कनिका की यात्रा

कनिका माहेश्वरी की यह यात्रा आस्था, विश्वास और भक्ति की मिसाल बन गई है। उनका कहना है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती और माता रानी हमेशा अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखती हैं।