खिज्जिरपुर छोटू में गूंजी भागवत कथा, श्रद्धा और जिज्ञासा पर जोर

आलापुर (अम्बेडकर नगर) | तहसील क्षेत्र के खिज्जिरपुर छोटू में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथा व्यास पं. गर्गाचार्य ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य से गलती होना बड़ी बात नहीं है, लेकिन समय रहते उसका सुधार और प्रायश्चित करना आवश्यक है। अन्यथा वही गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।

कथा के दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण की पांडवों पर रही कृपा का भावपूर्ण वर्णन किया। साथ ही राजा परीक्षित की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि कलियुग के प्रभाव में आकर वे ऋषि के श्राप से ग्रसित हुए, जिसके पश्चात वे शुकदेव जी की शरण में पहुंचे और आत्मज्ञान प्राप्त किया।

कथा व्यास पंडित गर्गाचार्य ने कहा कि भक्ति जीवन का सर्वोत्तम निवेश है, जो न केवल सांसारिक समस्याओं का समाधान देती है, बल्कि मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करती है। उन्होंने बताया कि युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षय पात्र की प्राप्ति की थी, जिससे कभी अन्न की कमी नहीं होती थी।

उन्होंने प्रकृति संरक्षण पर भी बल देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज पृथ्वी का पूजन और संरक्षण करते थे, जिसके परिणामस्वरूप प्रकृति भी मानव की रक्षा करती थी। कथा सुनने वालों में श्रद्धा और जिज्ञासा का होना आवश्यक बताया गया।

इस अवसर पर मुख्य यजमान नरेंद्रदेव पाण्डेय, आचार्य राकेश पाण्डेय, सूर्यनारायण पाण्डेय, जगदम्बा पाण्डेय, सुरेशचंद्र पाण्डेय, रमेशचंद्र पाण्डेय, पं. जय प्रकाश पाण्डेय, विनोद कुमार शुक्ला तथा प्रतीक उर्फ विशेष पाण्डेय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।