आंगनबाड़ी केंद्र की लापरवाही से मासूम बच्ची कमरे में बंद, ग्रामीणों में आक्रोश

अंबेडकरनगर। जनपद के विकासखंड जहांगीरगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुबारकपुर पिकार स्थित प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहां तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पर बच्चों की देखरेख, पोषण और सुरक्षा में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

घटना 9 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है, जब करीब 4 वर्ष 5 माह की मासूम बच्ची रिमझिम को विद्यालय के कमरे में बंद कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, विद्यालय समय समाप्त होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं अन्य स्टाफ बिना यह सुनिश्चित किए कि सभी बच्चे सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं, कमरे में ताला लगाकर चले गए।

करीब एक घंटे तक बच्ची कमरे के अंदर कैद रही। परिजन जब बच्ची को खोजते हुए विद्यालय पहुंचे, तब जाकर ताला खुलवाकर उसे बाहर निकाला गया। इस दौरान परिजनों में भारी दहशत और आक्रोश देखने को मिला।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को नियमित रूप से पोषण आहार नहीं दिया जाता है। साथ ही खेल सामग्री और शैक्षिक संसाधनों का भी अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ती अधिकतर समय मोबाइल फोन में व्यस्त रहती हैं, जिससे बच्चों की देखरेख प्रभावित होती है।

ग्रामीणों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बच्ची को बाहर न निकाला जाता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

परिजनों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दोषी कार्यकर्ती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई है।

अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।