सीपीओएच प्रयागराज ने मनाया 40वां स्थापना दिवस, ट्रैक मशीन ओवरहॉलिंग में देशभर में बना अग्रणी केंद्र

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण इकाई केन्द्रीय आवधिक ओवरहॉलिंग कार्यशाला (सीपीओएच), प्रयागराज ने भारतीय रेल की सेवा में 40 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अपना 40वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया। 11 अप्रैल 1987 को स्थापित यह कार्यशाला ट्रैक मशीनों के ओवरहॉलिंग, पुनर्वास और तकनीकी उन्नयन का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यह इकाई देशभर में रेल पटरियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।

स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता जे.सी. चौरसिया रहे। इस अवसर पर सीपीओएच के मुख्य कार्य प्रबंधक सुनील कुमार गुप्ता, उप मुख्य अभियंता संजय अस्थाना सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान कार्यशाला की तकनीकी उपलब्धियों और भारतीय रेल की ट्रैक अनुरक्षण प्रणाली में इसके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में बताया गया कि भारतीय रेल में कुल चार सीपीओएच कार्यशालाएं कार्यरत हैं, जिनमें प्रयागराज स्थित कार्यशाला न केवल सबसे पुरानी है, बल्कि उत्पादकता के मामले में भी अग्रणी मानी जाती है। वर्षों से यह कार्यशाला ट्रैक मशीनों के रखरखाव एवं ओवरहॉलिंग के जरिए रेलवे के ट्रैक मैकेनाइजेशन को मजबूती प्रदान कर रही है।

समारोह में कार्यशाला की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि सीपीओएच प्रयागराज स्वदेशीकरण, तकनीकी नवाचार और लागत बचत के क्षेत्र में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कार्यशाला द्वारा विकसित टैम्पिंग यूनिट के स्वदेशीकरण से प्रति सेट लगभग 2 करोड़ रुपये की बचत हो रही है, जिससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता में बड़ी कमी आई है।

कार्यशाला की एक बड़ी उपलब्धि ZF गियर बॉक्स का ओवरहॉलिंग भी है, जिसके लिए यह भारतीय रेल का एकमात्र विशेषज्ञ केंद्र है। इसके अलावा गियर बॉक्स, लिफ्टिंग यूनिट, एक्सल, पहियों सहित कई महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स का स्वदेशीकरण कर विदेशी मुद्रा की बचत सुनिश्चित की गई है।

कार्यशाला द्वारा कंडम घोषित ट्रैक मशीनों का पुनर्वास कर उन्हें फिर से उपयोग योग्य बनाया गया है, जिससे नई मशीनों की खरीद पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च से रेलवे को राहत मिली है। पिछले चार दशकों में कई इन-हाउस तकनीकी नवाचार भी विकसित किए गए हैं, जिनमें ZF सिस्टम में फेल-सेफ सर्किट, OEM स्पेयर पार्ट्स का स्वदेशीकरण तथा गियर बॉक्स ट्रांसमिशन का उन्नयन प्रमुख हैं।

ट्रैक मशीनों की गुणवत्ता और प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए सीपीओएच प्रयागराज में अत्याधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इनमें कम्प्यूटरीकृत ZF टेस्ट बेंच, एक्सल टेस्ट बेंच, क्लच असेम्बली टेस्ट बेंच, टैम्पिंग यूनिट टेस्ट बेंच, हाइड्रोलिक एवं इलेक्ट्रिकल टेस्ट बेंच जैसी आधुनिक परीक्षण व्यवस्थाएं शामिल हैं।

कार्यशाला द्वारा ISO 9001:2015 प्रमाणन के अनुरूप गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता की परंपरा को लगातार बनाए रखा जा रहा है। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य अभियंता श्री जे.सी. चौरसिया ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रैक मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में और अधिक तकनीकी उन्नयन एवं सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

समारोह के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सीपीओएच प्रयागराज की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए भविष्य में भी भारतीय रेल के लिए इसी समर्पण और नवाचार के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।