महाप्रबंधक ने प्रस्तुत कीं उत्तर मध्य रेलवे की 2025-26 की उपलब्धियां,संरक्षा, सेवा और संचालन में सुदृढ़ रहा उत्तर मध्य रेलवे का वर्ष 2025-26

महाप्रबंधक ने प्रस्तुत कीं उत्तर मध्य रेलवे की 2025-26 की उपलब्धियां

संरक्षा, सेवा और संचालन में सुदृढ़ रहा उत्तर मध्य रेलवे का वर्ष 2025-26

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर मध्य रेलवे के समग्र प्रदर्शन और प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष उत्तर मध्य रेलवे ने परिचालन दक्षता, संरक्षा सुदृढ़ीकरण, आधारभूत संरचना विकास, माल ढुलाई वृद्धि और यात्री सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

महाप्रबंधक ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग, नवाचार आधारित पहल और बेहतर समन्वय के जरिए रेलवे सेवाओं को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे ने संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीकी उन्नयन, ट्रैक सुधार और सिग्नलिंग प्रणाली के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर मध्य रेलवे ने अब तक का सर्वाधिक ओरिजिनेटिंग लोडिंग 20.97 मिलियन टन दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक रहा। इससे माल यातायात के माध्यम से 2276 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। इसके साथ ही कोचिंग और माल भाड़ा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के चलते उत्तर मध्य रेलवे की कुल ओरिजिनेटिंग आय 6001.60 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष से 4 प्रतिशत अधिक है।

यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के बेहतर संचालन को लेकर भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालनता 79.1 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.3 प्रतिशत अधिक है। बीते वित्तीय वर्ष में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 42 नई ट्रेन सेवाओं का संचालन किया गया, जिनमें 02 ओरिजिनेटिंग ट्रेनें भी शामिल रहीं। वहीं, 4 जोड़ी ट्रेनों को ICF से LHB रेक में और 6 जोड़ी ट्रेनों को ICF से MEMU रेक में परिवर्तित किया गया।

महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए 46 ट्रेनों को नए ठहराव दिए गए, 12 ट्रेनों का विस्तार किया गया और 02 ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाई गई। इसके अलावा 14 जोड़ी यात्री गाड़ियों में 31 अतिरिक्त कोच लगाए गए ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

उन्होंने बताया कि यात्रियों की बढ़ती मांग के चलते वित्तीय वर्ष में 470 ट्रेनों की 3140 ट्रिप्स ?ट्रेन ऑन डिमांड? के रूप में चलाई गईं। वहीं माघ मेला 2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 804 मेला विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया।

संरक्षा को लेकर उत्तर मध्य रेलवे ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रेलवे ने 270 किलोमीटर रेल मार्ग पर कवच प्रणाली लागू की है तथा 520 रूट किलोमीटर पर लोको ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है।

आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में रेलवे ने 52.35 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूरा किया। साथ ही 55.266 किलोमीटर तीसरी लाइन निर्माण तथा 27 किलोमीटर गेज कन्वर्जन का कार्य भी वित्तीय वर्ष में पूर्ण किया गया। इसके अतिरिक्त 223 किलोमीटर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और 16 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा किया गया।

रोड सेफ्टी को महत्व देते हुए 22 लेवल क्रॉसिंग गेट इंटरलॉक किए गए और 23 लेवल क्रॉसिंग को बंद किया गया। झांसी स्थित वैगन वर्कशॉप ने 8350 वैगनों का रिकॉर्ड आउट टर्न किया, जिसे भारतीय रेल में सर्वोत्तम बताया गया। इसके अलावा CMLR झांसी और RCNK झांसी द्वारा लक्ष्य से अधिक कोचों का मेंटेनेंस किया गया। रेल कोच नवीनीकरण कारखाना, झांसी द्वारा पहली बार 2 वंदे भारत रेकों का SS-1 अनुरक्षण कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी उत्तर मध्य रेलवे ने कई कदम उठाए। 500 वर्ग मीटर क्षेत्र में मियावाकी वृक्षारोपण कर हरित पहल को आगे बढ़ाया गया। 9.05 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद रेलवे की कुल सोलर क्षमता बढ़कर 21.75 मेगावाट हो गई है।

महाप्रबंधक ने बताया कि स्क्रैप बिक्री से इस वित्तीय वर्ष 316.87 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जो निर्धारित लक्ष्य से 15.23 प्रतिशत अधिक है। साथ ही उत्तर मध्य रेलवे द्वारा सभी चयन प्रक्रियाएं कंप्यूटर आधारित केंद्रीकृत प्रणाली (CBT) के माध्यम से की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हुई है।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे उत्कृष्टता, संरक्षा और विश्वसनीयता को केंद्र में रखते हुए आधुनिक तकनीकों, सुदृढ़ अवसंरचना और यात्री-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है।