अजमेर मंडल में ‘ऑपरेशन मेरी सहेली’ बना महिला सुरक्षा का मजबूत कवच, 2025 में 88,291 महिला यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान

अजमेर। भारतीय रेलवे और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अजमेर मंडल द्वारा महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में आरपीएफ अजमेर मंडल द्वारा संचालित ?ऑपरेशन मेरी सहेली? अभियान ने वर्ष 2025 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान के अंतर्गत अजमेर मंडल से यात्रा करने वाली 88,291 महिला यात्रियों की विभिन्न समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाया गया।

आरपीएफ अजमेर मंडल द्वारा चलाया जा रहा ?ऑपरेशन मेरी सहेली? विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए शुरू किया गया है जो लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले सफर करती हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षा, सहयोग और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद के निर्देशन में महिला आरपीएफ कर्मियों की एक समर्पित टीम स्टेशन एवं ट्रेनों में तैनात रहकर महिला यात्रियों से संवाद करती है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराती है। महिला आरपीएफ कर्मी यात्रियों को न केवल सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें जरूरी सावधानियों के प्रति भी जागरूक करती हैं।

अभियान के तहत यात्रियों को अनजान व्यक्ति से भोजन या पेय पदार्थ न लेने, अपने सामान की सुरक्षा रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन 139 या रेल मदद एप का उपयोग करने की जानकारी दी जाती है।

वर्ष 2025 के दौरान दर्ज की गई 88,291 समस्याओं में सुरक्षा संबंधी शिकायतें, तकनीकी सहायता, यात्रा के दौरान असुविधा, तथा अन्य आवश्यक सहयोग से जुड़ी परेशानियां शामिल रहीं। इन सभी मामलों में आरपीएफ टीम ने मौके पर ही या अगले स्टेशन पर संबंधित विभागों के माध्यम से समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया।

आरपीएफ द्वारा महिला सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए महिला कर्मियों की संख्या बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और निगरानी व्यवस्था को लगातार बेहतर करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

अजमेर मंडल में ?ऑपरेशन मेरी सहेली? अभियान आज महिला यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद सुरक्षा कवच बनकर सामने आया है, जो भारतीय रेलवे को महिला यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित और संवेदनशील परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।