अजमेर मंडल ने बनाया नया कीर्तिमान, लोडिंग 10 मिलियन टन के पार

अजमेर मंडल ने बनाया नया कीर्तिमान, लोडिंग 10 मिलियन टन के पार

उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों में रहा अव्वल, माल ढुलाई राजस्व पहली बार 1000 करोड़ रुपये से अधिक

अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल लदान के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 26 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार अजमेर मंडल ने 10.0284 मिलियन टन की संचयी लोडिंग दर्ज कर उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ अजमेर मंडल ने माल ढुलाई क्षमता और राजस्व दोनों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू लिया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा के मार्गदर्शन, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक भारती भारद्वाज के निर्देशन तथा मंडल के विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि संभव हो सकी है।

मंडल के आंकड़ों के अनुसार 26 मार्च 2026 को अजमेर मंडल ने दैनिक लोडिंग में 0.0319 मिलियन टन का लदान दर्ज किया। वहीं 1 मार्च से 26 मार्च 2026 तक मासिक लोडिंग 0.9266 मिलियन टन रही। वार्षिक प्रदर्शन की बात करें तो 1 अप्रैल 2025 से 26 मार्च 2026 तक अजमेर मंडल ने 10.0284 मिलियन टन की कुल लोडिंग कर 10 मिलियन टन का आंकड़ा पार कर लिया।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मंडलों के तुलनात्मक प्रदर्शन में अजमेर मंडल 10.0284 मिलियन टन के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि जयपुर मंडल ने 9.7939 मिलियन टन, जोधपुर मंडल ने 6.692 मिलियन टन और बीकानेर मंडल ने 3.353 मिलियन टन की लोडिंग दर्ज की। इस प्रकार उत्तर पश्चिम रेलवे जोन की कुल लोडिंग 29.8673 मिलियन टन रही।

इस बीच अजमेर मंडल ने माल ढुलाई राजस्व के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने पहली बार मालभाड़ा आय में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। 26 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार अजमेर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1,002.28 करोड़ रुपये का माल ढुलाई राजस्व अर्जित किया है। यह उपलब्धि मंडल के गठन के बाद पहली बार दर्ज की गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अजमेर मंडल ने 847 करोड़ रुपये के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य की तुलना में 18.33 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अर्जित 879.01 करोड़ रुपये की तुलना में इस वर्ष राजस्व में 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि इस सफलता के पीछे माल लदान में विविधीकरण, परिचालन दक्षता में सुधार, मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ाना, वैगन टर्न-अराउंड समय में कमी तथा बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट द्वारा व्यापारियों और उद्योगों के साथ लगातार समन्वय कर नई वस्तुओं को रेलवे से जोड़ने जैसे प्रयास प्रमुख कारण रहे।

रेल प्रशासन ने इस उपलब्धि को अजमेर मंडल के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि भविष्य में भी माल ढुलाई को और अधिक सशक्त बनाकर रेलवे की आय बढ़ाने और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के लिए इसी प्रकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।