मास्टर ट्रेनर बीरेन्द्र यादव ने गाजीपुर जनपद में जैविक खेती का दिया प्रशिक्षण

रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी का बिगड़ रहा स्वास्थ्य

गाजीपुर जनपद के विकास खंड भदौरा के बारा गांव स्थित खेल मैदान परिसर में नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जैविक कृषि मेला एवं प्रदर्शनी लगाई गई।कृषि विविधीकरण परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में डा.वीके राव के निर्देशन में कृषि विज्ञान केंद्र आकुशपुर के कृषि वैज्ञानिक डा.दीपक प्रजापति एवं उद्यानिकी वैज्ञानिक डा.शंशाक सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर जैविक कृषि मेला का शुभारम्भ किया।वैज्ञानिक डा.दीपक ने किसानों को संबोधित करते हुए जैविक खेती करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया।उन्होंने कहा हमारी मिट्टी में जो पोषक तत्वों की जरूरत होती उनमें से केवल हम नत्रजन,फास्फोरस और जिंक एवं सल्फर का ही उपयोग करते है जबकि अन्य पोषक तत्व नहीं डालते।अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोगों से हमारी मिट्टी का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और इस बात पर हम ध्यान नहीं देते हैं। न किसान मिट्टी की जांच करा रहा और न ही पोषक तत्वों की जानकारी रखते है जिससे मिट्टी का एवं फसल का स्वास्थ्य बिगड़ता और हमारी लागत ज्यादा लगती है और किसान परेशान रहता है।प्राकृतिक रूप से जीवामृत,घन जीवामृत,संजीवक,बीजामृत बनाए और इससे खेत में सूक्ष्म जीव बचे रहेंगे जिससे हमारी मिट्टी स्वस्थ्य रहेगी और उत्पादन पोषक एवं जहरमुक्त होगा।उद्यानिक वैज्ञानिक डा शंशाक सिंह ने बागवानी में कीट नियंत्रण,फसल अवशेष प्रबंधन एवं सब्जियों की खेती क्यारी बना दैनिक खर्च निकालने एवं सहफसली खेती से लाभ कमाने की ओर किसानों को प्रेरित किया।फतेहपुर जनपद के मास्टर ट्रेनर प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षक वीरेंद्र यादव ने विभिन्न फसलों में अलग अलग ट्रैप जैसे फेरोमैन ट्रैप फ्लाई ट्रैप ग्लू ट्रैप से कीट नियंत्रण के उपाय सुझाए।उन्होंने कहा नीम से तैयार नीमास्त्र से आप फसल में जैविक तरीके बिना लागत कीट नियंत्रित कर सकते है। दसपर्णी अर्क बनाने की विधि बता इसके उपयोग बताए।कार्यक्रम का सफल संचालन आलोक गौड़ ने किया।मुख्य रूप से ईश एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड इंदौर मध्य प्रदेश के प्रोजक्ट क्वार्डिनेटर जितेंद्र सिंह,आकाश राजावत,अभय कुमार,संदीप यादव,अनिल मिश्रा,राहुल कुमार,ऋषि आदि रहें।