रेलवे सुरक्षा के लिए बड़ा कदम: ट्रैक के दाईं ओर से बाईं ओर शिफ्ट किया गया सिग्नल

रेलवे सुरक्षा के लिए बड़ा कदम: ट्रैक के दाईं ओर से बाईं ओर शिफ्ट किया गया सिग्नल

डेगाना स्टेशन पर एडवांस स्टार्टर सिग्नल की राइट से लेफ्ट साइड में शिफ्टिंग

उत्तर पश्चिम रेलवे में पहली बार जोधपुर मंडल में हुआ प्रयोग

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल करते हुए पहली बार किसी सिग्नल को ट्रैक के दाईं ओर से हटाकर बाईं ओर शिफ्ट किया है। इस बदलाव से लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट को सिग्नल अधिक स्पष्ट दिखाई देगा, जिससे मानवीय त्रुटि और दुर्घटना की संभावना कम होगी।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस नवाचार के तहत डेगाना रेलवे स्टेशन पर किरोदा स्टेशन की दिशा में लगे एडवांस स्टार्टर सिग्नल संख्या एस-67 को ट्रैक के दाईं ओर से हटाकर बाईं ओर स्थानांतरित किया गया है। इस परिवर्तन से लोको पायलट को सिग्नल लंबी दूरी से स्पष्ट दिखाई देगा, जिससे समय रहते प्रतिक्रिया देना आसान होगा और संरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित होगा।

उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के इतिहास में सिग्नल को राइट हैंड साइड से लेफ्ट हैंड साइड में शिफ्ट करने का यह पहला प्रयोग है,जो भविष्य में भारतीय रेलवे के अन्य स्थानों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

रेलवे मानकों के अनुरूप कार्यारंभ

इस संबंध में वरिष्ठ मंडल इंजीनियर(सिग्नल एवं दूरसंचार)अनुपम कुमार ने बताया कि भारतीय रेलवे के मानकों के अनुसार सामान्यतः सिग्नल ट्रैक के बाईं ओर लगाने का प्रावधान होता है,ताकि लोको पायलट को सिग्नल का सीधा और स्पष्ट दृश्य मिल सके। इसी मानक के अनुरूप अब उत्तर पश्चिम रेलवे में भी इस दिशा में कार्य शुरू किया गया है।

अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस कार्य के सफल निष्पादन में मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता अजय सिंह सैंगर,वरिष्ठ अनुभाग इंजीनियर(संकेत)आदित्य व्यास तथा कमल कुमावत सहित सिग्नल एवं टेलीकॉम शाखा की टीम का विशेष योगदान रहा।

एक ही ब्लॉक में दो एलसी गेट भी हटाए

सिग्नल शिफ्टिंग कार्य के दौरान ही ट्रैफिक ब्लॉक में दो समपार फाटकों एलसी-52 और एलसी-72 को भी सफलतापूर्वक हटाया गया। इस दौरान इंटरलॉकिंग,केबलिंग,वायरिंग सहित सिग्नलिंग प्रणाली का विस्तृत परीक्षण कर सुरक्षित व सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित किया गया।

डीआरएम ने की कार्यदक्षता की सराहना

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टीम की तकनीकी दक्षता और समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर भी सिग्नलों को दाईं ओर से बाईं ओर शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी,जिससे ट्रेन संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।