जोधपुर कोचिंग डिपो का नौ करोड़ से कायाकल्प,लंबी दूरी की ट्रेनों की सुरक्षा होगी और मजबूत

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर कोचिंग डिपो में 9 करोड़ रुपए की लागत से रोलिंग स्टॉक के अनुरक्षण (मेंटेनेंस) ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है। इस बड़े उन्नयन कार्य से कोचों की तकनीकी जांच,मरम्मत और रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा,जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगा।

जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि डिपो में जहां पिट लाइनों को मजबूत किया जा रहा है तथा नई जांच और मरम्मत मशीनें लगाई जा रही हैं वहीं कोचों के ब्रेक सिस्टम,अंडरगियर,सस्पेंशन और विद्युत उपकरणों की जांच के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही वॉशिंग लाइन और साफ-सफाई व्यवस्था को भी उन्नत किया जा रहा है,ताकि यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर कोच उपलब्ध हो सकें।

डीआरएम का कहना है कि मेंटेनेंस सिस्टम मजबूत होने से तकनीकी खामियों की समय पर पहचान हो सकेगी और ट्रेनों की पंक्चुअलिटी में भी सुधार आएगा। रेक टर्नअराउंड टाइम घटने से कोचों की उपलब्धता बढ़ेगी,जिससे अतिरिक्त यात्री दबाव को संभालना आसान होगा।

रेलवे के इस कदम को जोधपुर मंडल में सुरक्षा और गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है,जिसका सीधा लाभ यात्रियों को सुरक्षित,

आरामदायक और समयबद्ध यात्रा के रूप में मिलेगा।

रैक के टर्नअराउंड टाइम में कमी आएगी

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद कोचों की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रूप से किया जा सकेगा। साथ ही रेक टर्नअराउंड टाइम में कमी आएगी,जिससे ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर,सुरक्षित व आरामदायक यात्रा सुविधा मिल सकेगी।