समदड़ी में संरक्षा पर विशेष सेफ्टी संवाद,डेढ़ सौ रेलकर्मियों की सक्रिय सहभागिता

समदड़ी में संरक्षा पर विशेष सेफ्टी संवाद,डेढ़ सौ रेलकर्मियों की सक्रिय सहभागिता

-सुरक्षित व संरक्षित रेल संचालन की आवश्यकता पर बल

जोधपुर। सुरक्षित,संरक्षित एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समदड़ी स्टेशन पर बुधवार को विस्तृत ?सेफ्टी संवाद? कार्यक्रम का आयोजित किया गया।

जोधपुर मंडल रेलवे प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित संरक्षा संवाद में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी रामनिवास जाट ने अपने उद्बोधन में संरक्षा और संरक्षा संवाद के महत्व की चर्चा की और रेल कार्य में संरक्षा के लगातार प्रचार प्रसार पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मंडल परिचालन प्रबंधक हीरालाल,सहायक मंडल अभियंता पूराराम और सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी सुनील दत्त चतुर्वेदी ने संबोधित करते हुए कार्मिकों से शॉर्टकट की प्रवृत्ति नही अपनाकर सजग रहकर सतर्कतापूर्वक रेल संचालन का आव्हान किया।

सेफ्टी संवाद में मुख्यतः इंजीनियरिंग,ट्रैफिक,पावर, इलेक्ट्रिकल,सिग्नल एवं दूरसंचार तथा ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) विभागों के कुल डेढ़ सौ कर्मचारियों की सक्रिय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित ट्रेन संचालन,ट्रैक अनुरक्षण,ओएचई एवं विद्युत उपकरणों की नियमित जांच,सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता,ब्लॉक कार्य के दौरान सावधानियां,कार्यस्थल पर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण के अनिवार्य उपयोग तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।

सेफ्टी संवाद के दौरान कर्मचारियों ने भी अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए,जिससे जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों पर सार्थक चर्चा संभव हो सकी। अधिकारियों ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित रेलकर्मियों ने सुरक्षित,विश्वसनीय एवं समयबद्ध रेल संचालन के लिए पूर्ण निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया।

संवाद में सुभाष चंद्र,गिर्राज प्रसाद,राजवीर,आर डी माली,रतनाराम,अनिल पुरोहित,अमरसिंह,आशीष खन्ना ने अपने विचार व्यक्त किये।

सुरेश चंद्र,मुकेश कुमार मीणा,प्रेमकुमार,छगनसिंह,मनोज शर्मा ने कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याओं से अवगत करवाया।

सुरक्षित व संरक्षित रेल संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता

इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। संवाद के माध्यम से कर्मचारियों को संभावित जोखिमों की पहचान,समय पर रिपोर्टिंग,आपसी समन्वय तथा सतर्कता के महत्व से अवगत कराया गया।