रेल स्प्रिंग कारखाना, सिथौली ने समय से पूर्व हासिल किया वार्षिक उत्पादन लक्ष्य

रेल स्प्रिंग कारखाना, सिथौली ने समय से पूर्व हासिल किया वार्षिक उत्पादन लक्ष्य

उत्तर मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण इकाई रेल स्प्रिंग कारखाना, सिथौली ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्य को समय से 40 दिन पूर्व ही प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है । यह गौरवपूर्ण उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह जी के नेतृत्व और प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ए. के. द्विवेदी जी के दिशा-निर्देशन में प्राप्त हुई है । इसमें मुख्य कारखाना इंजीनियर आर. के. जाटव के कुशल संचालन का उल्लेखनीय योगदान रहा।

वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1,05,846 स्प्रिंग का निर्माण किया जा चुका है । यह उत्पादन रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 1,05,750 स्प्रिंग के लक्ष्य से 96 स्प्रिंग अधिक है । यह कारखाना के इतिहास में किसी भी वित्तीय वर्ष का अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है ।

लक्ष्य से अधिक उत्पादन होने के कारण अतिरिक्त स्प्रिंगों का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारतीय रेल की अन्य उत्पादन इकाइयों को कोचों के निर्माण और रख-रखाव में बड़ी सहायता मिलेगी। इससे न केवल कोच अनुरक्षण की समयबद्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि रेल परिचालन की दक्षता और आत्मनिर्भरता में भी वृद्धि होगी ।

इस सफलता को मुख्य कारखाना प्रबंधक शिवाजी कदम के नेतृत्व में कारखाने की टीम भानु प्रताप सिंह जी, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ;एन. के. गुप्ता, उप मुख्य विद्युत इंजीनियर ;बी. के. वर्मा , उप मुख्य इंजीनियर;स्वतंत्र कुमार अग्रवाल उप वित्त सलाहकार और मुख्य लेखा अधिकारी;रमेश कुमार हनोते, सहायक रसायन एवं धातु कर्मज्ञ;धनंजय रहालकर, सहायक कार्य प्रबंधक;आनंद कुमार सहायक सामग्री प्रबंधक एवं एम. के. ठकुरानी सहायक वित्त सलाहकार के साथ-साथ यांत्रिक, भंडार, विद्युत, इंजीनियरिंग और वित्त विभाग के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं समस्त कर्मचारियों के समर्पित टीम वर्क ने इसे संभव बनाया है। यह सफलता उच्च गुणवत्ता मानकों के पालन और कर्मचारियों की अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम है।